मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
द चैम्प्स फन स्कूल में पब्लिक स्पीकिंग कंपीटिशन का प्रथम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न
नर्मदा पुरम। ईशान परिसर स्थित द चैम्प्स फन स्कूल में पब्लिक स्पीकिंग कंपीटिशन का प्रथम चरण अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। संपूर्ण विद्यालय परिसर में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
प्रतियोगिता का आयोजन दो स्थलों पर किया गया। रामायण हॉल में कक्षा प्रथम से चतुर्थ तक के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं आधारशिला पर प्ले ग्रुप से लेकर यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच संभाला। बच्चों ने जीवनी, सामाजिक जागरूकता, प्रेरणादायक विचार, सूक्तियाँ, जानकारीपूर्ण विषयों तथा विभिन्न नोट्स पर अपने विचार व्यक्त किए। उनकी वाणी की स्पष्टता, भाव-भंगिमा और विषय की समझ ने सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर स्प्रिंगडेल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से श्रीमती महिंदर कौर एवं श्रीमती अरुणा सराठे जज के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशीष चटर्जी एवं निदेशक श्रीमती जूही चटर्जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आशीष चटर्जी ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मंच पर बोलना केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों को निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए और हर अवसर को सीखने के रूप में लेना चाहिए।
इसी क्रम में निर्णायक श्रीमती महिंदर कौर ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन सदैव एक सीखने की प्रक्रिया है। हमें निरंतर सीखते रहना चाहिए। यदि कभी हम मंच पर घबरा जाएँ या किसी प्रयास में असफल हों, तो भी हमें हार नहीं माननी चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहना ही सफलता का मार्ग है। जीवन हमें हमारी गलतियों से भी सिखाता है और हमारी उपलब्धियों से भी इसलिए हर अनुभव हमारे लिए एक नई सीख लेकर आता है। उनके इन शब्दों ने बच्चों के मन में नया आत्मविश्वास भर दिया।
निर्णायक श्रीमती अरुणा सराठे ने बच्चों की सराहना करते हुए उन्हें नियमित अभ्यास करने, स्पष्ट उच्चारण के साथ बोलने और निडर होकर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सुश्री मनीषा तोमर, सुश्री प्रिया निगम, सुश्री ऋचा सोनी एवं सुष्री प्रियंका खत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आधारशिला पर धन्यवाद ज्ञापन सुश्री खुशी पटेल द्वारा प्रस्तुत किया गया, वहीं रामायण हॉल में धन्यवाद ज्ञापन सुश्री प्रिया निगम द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के अंत में निर्णायकों को कृतज्ञता स्वरूप स्मृति-चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
प्रतियोगिता का अंतिम चरण कल 13 व 14 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण की सफलता ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समस्त विद्यालय परिवार में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।

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