मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
जैन समाज ने महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा (पालकी यात्रा) निकाली, अनेकों जगह पर हुआ स्वागत
भगवान महावीर स्वामी का जीवन केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक
उनके बताए सिद्धांत वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक
नर्मदापुरम। जैन समाज द्वारा 24वें तीर्थंकर, वीतरागी, अहिंसा एवं अपरिग्रह के उपदेशक भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्म कल्याणक महोत्सव को अत्यंत श्रद्धा,भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया।
सर्वप्रथम प्रातःकाल छोटे दिगम्बर जैन मंदिर से भगवान महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा (पालकी यात्रा) निकाली गई। शोभायात्रा में सुसज्जित पालकी में विराजमान प्रभु की मनोहारी प्रतिमा के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जैन समाज के साथ-साथ नगर के विभिन्न समाजों के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अहिंसा, अनेकांत एवं अपरिग्रह के संदेश को आत्मसात किया।
यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा अपने-अपने घरों के द्वार पर भगवान की आरती, पूजन एवं पुष्प वर्षा कर प्रभु का अभिनंदन किया गया। संपूर्ण नगर जय जिनेन्द्र एवं भगवान महावीर स्वामी की जय के जयघोषों से गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं भक्तिमय बन गया।
इस पावन अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने भगवान महावीर के सिद्धांतों अहिंसा परमो धर्मः, सत्य, संयम एवं करुणा को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने संदेश दिया कि भगवान महावीर स्वामी का जीवन केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक है, और उनके बताए सिद्धांत वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

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