ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी के संगम थे दादा श्री मधुकर राव हर्णे : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व मंत्री स्व श्री हर्णे को श्रद्धांजलि दी भाजपा विधायक सहित संभाग भर से आए भाजपा नेता एवं गणमान्य नागरिक श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए - AKN News India

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Friday, 28 April 2023

ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी के संगम थे दादा श्री मधुकर राव हर्णे : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व मंत्री स्व श्री हर्णे को श्रद्धांजलि दी भाजपा विधायक सहित संभाग भर से आए भाजपा नेता एवं गणमान्य नागरिक श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए



 ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी के संगम थे दादा श्री मधुकर राव हर्णे : मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व मंत्री स्व श्री हर्णे को श्रद्धांजलि दी

भाजपा विधायक सहित संभाग भर से आए भाजपा नेता एवं गणमान्य नागरिक श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए

नर्मदापुरम। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सदैव प्रसन्न मुद्रा में रहने वाले दादा  मधुकर राव हर्णे का जीवन यशस्वी रहा है। दादा सहज, सौम्य, सरल और स्नेही के साथ ही आत्मीयता के भाव से सबको अपनापन देते थे। इसीलिए सभी को अपने लगते थे। मैं दादा के यहां आरती में शामिल हुआ हूं। पूरा परिवार आरती और भजन के बाद एक साथ हिलमिल कर भोजनावकाश करते थे।
 आनंद और प्रेम से परिपूर्ण उनका जीवन समाज और देश के लिए समर्पित रहा है। भारत माता के प्रति सदैव उनका लगाव रहता था। उनके गीत मनमोह लेते थे। दादा श्री हर्णे ज्ञान, भक्ति और कर्म के त्रिवेणी संगम थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को पूर्व मंत्री दादा मधुकर राव हर्णे की श्रद्धांजली सभा को संबोधित कर रहे थे।
   श्रद्धांजली सभा में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व मंत्री स्व श्री मधुकर राव हर्णे के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से स्व.श्री हर्णे की दिवगंत आत्मा की शांति और उनके परिजन को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। दादा श्री हर्णे की पत्नी श्रीमती माधुरी हर्णे, परिवार पुत्र प्रशांत हर्णे, प्रसन्न हर्णे व परिजन उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रद्धांजली सभा में कहा कि दादा में भक्ति का भाव तो रहता ही था समाज देश के लिए भी उनका चिंतन उतना ही प्रभावशील था। दादा विद्वान होने के साथ ही एक अच्छे अधिवक्ता भी थे। मौलिक चिंतक, राष्ट्रवादी विचारक के साथ ही सबसे मधुर व्यवहार रखते थे। मंत्री के रूप में भी सहज सरल रहे। 
उन्होंने कहा कि बीज निगम के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने बीज निगम को घाटे से उबारकर फायदे में पहुंचाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गीता के श्लोक का वाचन करते हुए कहा कि दादा में बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। दादा ने पूरा जीवन यशस्वी जिया, उनकी यश कीर्ति चारों तरफ थी। मुझे दादा से बड़े भाई के रूप में स्नेह मिलता रहा है। मैं पूरे मध्यप्रदेश की जनता की ओर से दादा को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि दादा को मधुर गीतों में, अनोखी हंसी में, याद करते रहेंगे।
 हमारे भी कर्तव्य हैं कि नर्मदापुरम में उनकी स्मृति में क्या किया जाए यह हम मिलकर तय करेंगे। दादा को ऐसे ही नहीं भूल जाएंगे। 
 श्रद्धांजलि सभा में जिले के प्रभारी व खनिज साधन मंत्री  ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, सांसद राव उदय प्रताप सिंह, नर्मदापुरम विधायक डाॅ सीतासरन शर्मा, सोहागपुर विधायक  विजयपाल सिंह, सिवनीमालवा विधायक  प्रेम शंकर वर्मा, पिपरिया विधायक  ठाकुर दास नागवंशी, पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा, भाजपा नेता पियूष शर्मा, दर्शन चौधरी, श्रीमती माया नारोलिया, माधव दास अग्रवाल ,नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरूओं के साथ ही संभाग के अन्य स्थानाें से क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
ए के एन न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट मनोज सोनी

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