मध्य प्रदेश राशन दुकान संचालक प्रबंधक, विक्रेता, तुलावटी जनकल्याण संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा
6 मई से प्रदेश भर की पैक्स सहकारी संस्थाएं, उपभोक्ता भंडार, स्व सहायता समूह, वन समिति कार्य बंद कर आंदोलन पर रहेंगे
नर्मदापुरम। जिले सहित प्रदेश भर में वर्षों से विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के सामने अपनी बात रख रहे राशन दुकान संचालक एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रदर्शन का आगाज कर रहे हैं, जिसकी शुरूआत में उन्होंने सोमवार को ज्ञापन सौंपकर की है। मप्र राशन दुकान संचालक प्रबंधक, विक्रेता, तुलावटी जनकल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश तिवारी एवं उपाध्यक्ष लोकेश् दुबे के नेतृत्व में सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सहायक आपूर्ति अधिकारी मीनाक्षी दुबे को सौंपा।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश तिवारी ने बताया कि शासन की महत्वपूर्ण खाद्यान्न वितरण योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर कर शासन को लाभ पहुंचाते रहे हैं, लेकिन कार्य में आ रही समस्याओं का समाधान वर्षों से नहीं हो पा रहा है। जिसको लेकर प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई है। यदि समय सीमा में मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो मप्र राशन दुकान संचालक प्रबंधक, विक्रेता, तुलावटी जनकल्याण संघ कलमबंद हड़ताल, तालाबंदी सहित अन्य तय कार्यक्रमों के अनुसार प्रदर्शन करेगा।
मप्र राशन दुकान संचालक प्रबंधक, विक्रेता, तुलावटी जनकल्याण संघ द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2019 में जारी सेवा नियम अनुसार वेतनमान लागू किया जाये, मार्च 2021 में महासंघ के साथ किये गये शासन से समझौते अनुसार प्रदेश के पैक्स सहकारी संस्थाओं के प्रभारी प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, लेखापाल, कम्प्यूटर आपरेटर, लिपिक, केशियर, विक्रेता, कनिष्ठ विक्रेता, तुलैया, भृत्य, चोकीदार आदि कर्मचारियों को ग्रामीण स्तर पर कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के समतुल्य वेतनमान दिया जाये, जिसे तत्काल लागू किया जाये। इसके अलावा प्राइवेट उपभोक्ता भंडार, स्व सहायता समूह, वन समिति आदि को खाद्यान्न वितरण पर कमीशन 200 रूपये प्रति क्विंटल, छीजन 02 किलो प्रति क्विंटल के आदेश तत्काल जारी किये जायें। उक्त बिन्दुओं का 5 मई तक निराकरण नहीं किये जाने पर 6 मई से प्रदेश भर की पैक्स सहकारी संस्थाएं, उपभोक्ता भंडार, स्व सहायता समूह, वन समिति आदि अपने समस्त कार्य बंद कर, समस्त कर्मचारी कलम बंद आंदोलन पर चले जायेंगे। जिससे शासन की योजनाएं खाद्यान्न वितरण, ऋण वितरण, उपार्जन कार्य, ऋण वसूली बुरी तरह प्रभावित होंगे। जिससे आम नागरिकों एवं किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा है। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष हर्ष तिवारी, संजय यादव, मनीष यादव, कल्पेश तिवारी, भगवानदास राठौर, महेन्द्र गौर, रफीक खान, विनोद सोनी, अन्नू सोनी, कमल मालवीय, मोहन तिवारी, जामिन अली आदि उपस्थित रहे।
एके न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट मनोज सोनी

No comments:
Post a Comment