रोजगार प्रदाता बने अपने गुणों को पहचाने और उसे दिशा में प्रयास करें तो आप शत प्रतिशत सफल उद्यमी बनेंगे- प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन
अग्रणी महाविद्यालय में स्वावलंबी भारत अभियान कार्यक्रम संपन्न
छोटी उम्र से ही काम शुरू करना चाहिए, हमेशा कर्मशील रहें एवं अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाएं -डॉ.योगेश मोहन सेठा
मनोज सोनी editor-in-chief
नर्मदा पुरम। शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम में शनिवार को स्वावलंबी भारत अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य श्रीमती कामिनी जैन, मुख्य वक्ता हेमंत रावत, संगठक स्वदेशी जागरण मंच भोपाल, डॉ योगेश मोहन सेठा स्वदेशी जागरण मंच विभाग संयोजक, सुश्री ज्योति मालवीय सह प्रमुख रोजगार सृजन केंद्र, श्रीमती तारा मालवीय सुश्री भारती शर्मा तहसील महिला प्रकोष्ठ, सचिन मिश्रा नगर संयोजक, इंद्र मोहन दुबे, संजय शर्मा, डॉ. संध्या राय ने मंच पर अपनी गरिमा में उपस्थिति प्रदान कीं मॉ सरस्वती की पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं वृक्ष की पूजन उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रेमकांत कटंगकर के सहयोग से सृष्टि जैन, गरिमा शर्मा, विधि यादव, काजल, संगीता, हिमानी एवं रघुवीर राजपूत ने वैदिक मंत्रों का सस्वर गायन किया। अतिथियों को छात्राओं के द्वारा निर्मित बैच लगाकर सम्मानित किया गया। संगीत विभाग की छात्रा कुमारी सौम्या कौशिक, कुमारी पूजा गोस्वामी, कुमारी पूजा तिवारी ने स्वदेशी गीत की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर डॉ. संध्या राय ने विषय परिवर्तन कर बताया कि हमें उद्यमिता की ओर अपना रूख बदलना होगा। हमें कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान और विकास के माध्यम से एक ऐसा वातावरण बनाना होगा। जिसमें देश का युवा वर्ग अपनी क्षमता का उपयोग कर सके। वह अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने में सक्षम होंगे।
डॉ.योगेश मोहन सेठा ने अपने उद्बोधन में कहा कि छोटी उम्र से ही काम शुरू करना चाहिए। आप हमेशा कर्मशील रहें एवं अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाएं। हमें स्वदेशी वस्तुओं की उपयोगिता एवं महत्व समझना होगा स्वदेशी का उपयोगिता एवं महत्व को समझना होगा। स्वदेशी का उपयोग हमारे देश के आर्थिक ढ़ाचे को परिपक्व करने में सहयोगी होगा। हेमंत रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वदेशी का उपयोग भावना एवं राष्ट्र निष्ठा का परिचायक है। आप ज्यादा से ज्यादा देश में निर्मित एवं क्षेत्रीय उत्पादकों का प्रयोग करें ताकि देश का धन देश में रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप रोजगार प्रदाता बने अपने गुना को पहचाने और उसे दिशा में प्रयास करें तो आप शत प्रतिशत सफल उद्यमी होंगे। महाविद्यालय में मशरूम इकाई, केंचुआ पालन, वर्मी कंपोस्ट, मधुमक्खी पालन, इत्यादि की ईकाई संचालित हैं। जिससे हमारी छात्राएं लाभान्वित हो रही हैं। छात्राएं स्वयं रोजगार दाता बन चुकी हैं। पैतृक व्यवसाय वर्षों से चल रहे थे वह अब लुप्त होने की कगार पर है। आधुनिक संसाधनों का प्रयोग कर पुनः रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। गोदने वाला काम अब आधुनिक रूप में टैटू क्लब में परिवर्तित हो गया है। हमें अपनी रुचि को समझना होगा और इस क्षेत्र में प्रयास करना होगा जिससे हम अपने रोजगार के कार्य में भी आनंद ले सकें।
इस अवसर पर महाविद्यालय की भूतपूर्व छात्रा श्रीमती बसु चौधरी, सुरभी अग्रवाल, ज्योति मालविया, निधि राजक, अंकिता चौहान, साक्षी अमोले, रीता यादव, निकिता पाल, श्रीमती प्रियंका मालवीय ने अपने अनुभव और व्यवसाय संबंधी चर्चा छात्राओं से की। वर्तमान में यह छात्राएं रोजगार प्रदाता है और स्वयं का सफल व्यवसाय चला रही हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.संध्या राय ने एवं आभार डॉ.भारती दुबे ने किया।
इस अवसर पर डॉ.किरण पगारे डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ.आरबी. शाह डॉ.श्रुति गोखले, डॉ.वर्षा चौधरी, डॉ.वैशाली लाल, डॉ. दशरथ मीणा, डॉ.घनश्याम डहेरिया, डॉ.कीर्ति दीक्षित, डॉ.रीना मालवीय, श्रीमती अंकित तिवारी, कुमारी श्वेता वर्मा, डॉ. प्रगति जोशी, डॉ.प्रीति मालवीय, श्रीमती किरण विश्वकर्मा, डॉ.मनीष तिवारी, डॉ. विजया देवासकर, श्रीमती नीलम चौधरी, महाविद्यालय स्टाफ एवं भारी संख्या में छात्राओं उपस्थिति रही।


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