गाड़ी बेचने के नाम पर पुलिस कर्मी के बेटे से की ठगी, न्याय के लिए भटक रहा परिवार
पीड़ित के दादा भी थे डीएसपी लगभग 1 साल से गुहार लगा रहे फरियादी
नर्मदापुरम। आम आदमी की मदद का दावा पुलिस कितना भी करे लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस कर्मियों के खुद के परिवार को भी न्याय के लिए भटकना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला दिवंगत पुलिस कर्मी के बेटे का सामने आया है। इतना ही नहीं पीड़ित के दादा भी डीएसपी के पद पर रह चुके हैं और पिता पुलिस।
इनके साथ एक व्यक्ति ने गाड़ी बेचने के बहाने करीब तीन लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम एडवांस में ले ली और न गाड़ी दी और न ही पैसे वापस किए। पुलिस कर्मी के बेटे ने एसपी से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक मामले में कोई एक्शन नहीं होना जनचर्चा में बना हुआ है। फरियादी विक्रम सिंह मौर्य के पिता राम लखन मौर्य पुलिस में अधिकारी थे। उनके दादा डीएसपी रहे थे।
यह है पूरा मामला
विक्रम मौर्य ने कुछ समय पहले सचिन द्विवेदी पत्नी अंजलि द्विवेदी से सेकंड हैंड गाड़ी का सौदा किया था। सौदा तय होने पर उसने अंजलि द्विवेदी के खाते में 2 लाख 81 हजार 500 रूपए जमा करवा दिए थे। लेकिन न तो फरियादी को गाड़ी मिली और न ही पैसा वापस दिए गए। बार बार तकाजा करने पर सचिन उसे टालता रहा, लेकिन जब काफी समय हो गया तो विक्रम ने कोतवाली में 18 सितंबर 2023 को सभी गवाह और सबूतों के साथ शिकायत की।
शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाए शिकायत को बंद कर दिया गया। पुलिस के जांच अधिकारी का कहना है कि सारे तत्व और सारे मामले की जांच पड़ताल की गई है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी फिर भी कुछ नहीं कह रहे हैं, यह समझ से परे हैं। हमने जांच पड़ताल में संबंधित को दोषी भी पाया गया है लेकिन पुलिस के अधिकारी इस मामले में आज तक कार्रवाई नहीं कर सके है। यह बात जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

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