मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
सेठानी घाट स्थित प्राचीन शनि मंदिर न्यास का दुरुपयोग करने पर
प्रशासन ने किया तलब जन सुनवाई में उठाया था मुद्दा अनुविभागीय अधिकारी ने जवाब देने भेजा नोटिस
नर्मदापुरम। शहर के प्राचीन शिव मंदिर और सार्वजनिक न्यास का मामला कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में गत मंगलवार को उठा था। इसको लेकर प्रशासन ने गोपाल प्रसाद खड्डर को जवाब देने नोटिस भेजा है। उन्हें इस मामले में कागजात सहित स्वयं या अपने वकील के माध्यम से उपस्थित होने के लिए सूचना पत्र जारी किया है। ज्ञात होगी यह मामला काफी दिनों से चल रहा है और इसकी शिकायत प्रशासन स्तर पर भी की गई और जनसुनवाई में भी इसकी शिकायत हुई थी।
प्राचीन शनि मंदिर और सार्वजनिक न्यास की आय का दुरुपयोग करने गोपाल प्रसाद खड्डर पर लगाया गया था। आवेदक का कहना था कि शनि मंदिर के नाम पर उगाई की जा रही है। आय का हिसाब किताब नहीं दिया जा रहा है । इसके साथ ही स्वयं के ऊपर राशि खर्च की जा रही है। समिति सदस्यों ने इसकी जांच की मांग की थी। इन्हीं सभी मामलों को लेकर यह मामला जनसुनवाई तक पहुंचा था और अब इस पर कार्यवाही शुरू हो गई है।
यह है पूरा मामला
सेठानी घाट पर स्थित प्राचीन शनि मंदिर में न्याय के पदाधिकारियों में विवाद हो गया था। न्यास के गोपाल प्रसाद खड्डर पर कई वर्षों से न्यास की आय का दुरुपयोग करने का आरोप न्यास के सदस्यों ने लगाया गया था। समिति सदस्य और आवेदक राजेंद्र गिरी गोस्वामी ने शनि मंदिर में धनराज पुरी की नियुक्ति अनियमितता से करना बताया था। उनके द्वारा संपत्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। गोपाल प्रसाद शनि मंदिर के नाम पर जबरन वसूली कर रहे हैं और लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे हैं। आवेदक का कहना है कि लगभग 12 लाख रुपए का गबन खड्डर द्वारा किया गया है। राजेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि गोपाल प्रसाद खड्डर ने रुपए मंदिर की आमदनी को सार्वजनिक न्यास में खर्च न कर स्वयं व्यय किए हैं, जिसे वसूल कर सार्वजनिक खाते में जमा कराई जाए की बात कही गई थी।
मंदिर की आमदनी को ट्रस्ट में जमा नहीं किया जाता है, गोपाल प्रसाद राशि को सार्वजनिक खाते में जमा कराई जाए 2016 से स्वयं इस राशि का उपयोग कर रहे हैं जिससे न्यास को क्षति पहुंची है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की थी कि इस राशि को सार्वजनिक न्यास में जमा कराई जाए और पुजारी गोपाल प्रसाद पर कार्रवाई की जाए।

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