मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
- भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा ग्वाल समाज ने ने धूमधाम से निकाली
- जनप्रतिनिधि हुए शामिल ,अखाड़ों ने किया प्रदर्शन
- भक्ति गीतों पर नपाध्यक्ष ने सखियों संग किया नृत्य, झांकी रही आकर्षण केंद्र
नर्मदापुरम्। जन्माष्टमी के दूसरे दिन मंगलवार को ग्वालटोली स्थित काली मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में अखाड़ों ने प्रदर्शन किया। शोभायात्रा में बनाई गई झांकी में देवकी वासुदेव, कृष्ण लीला आदि आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा में ग्वाल समाज के महिला, पुरूषों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया। शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्रीकृष्ण बलराम व्यायाम संचालक तुलसीराम यादव, बनवारी पहलवान, रूपराम पहलवान, मनीष निगोटे द्वारा किया गया था।
ग्वाल समाज के प्रदेशाध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि शोभायात्रा में सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक डॉ सीताशरण शर्मा, नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव, पार्षद सभापति निर्मला हंस राय, पार्षद रेखा यादव, प्रेमा पंकज पांडेय, संध्या कुशराम, प्रीति यादव, गंगा यादव, विमला यादव, रामकली यादव, ग्वाल समाज के वरिष्ठ सदस्य रामभरोस महाते, धननालाल दीवान, जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल, विधायक प्रतिनिधि महेंद्र यादव, पूर्व पार्षद गौरी यादव, ललित मोहन यादव, दौलत यादव, आशु पटेल, बल्लू यादव, उमा यादव, गोविंद यादव, धनराज यादव सहित समाज के सभी लोग उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था हेतु सिटी मजिस्ट्रेट अश्वन राम चिरावन, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
झांकी रही आकर्षण का केंद्र
नंदकिशोर यादव ने बताया कि देर रात तक ग्वालटोली के काली मंदिर में जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूसरे दिन निकाली भव्य शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के साथ वासुदेव और देवकी की झांकी, राधा कृष्ण की झांकी, नन्हें ग्वाल बाल की झांकी सजाई गई जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रीराम व्यायाम शाला शुक्करवाड़ा, डंडा मंडली बघवाड़ा आदि अपनी प्रस्तुति दी।
भगवान श्रीकृष्ण के गीतों पर किया नृत्य शोभायात्रा में बाल गोपाल सहित ग्वाल समाज के स्री पुरुष डीजे की धुन पर नृत्य कर रहे थे। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के भक्ति गीतों पर नपाध्यक्ष नीतू यादव द्वारा अपनी सखियों संग नृत्य किया गया। तीन टोलियां अलग अलग चल रहीं थीं। पहली टोली में अखाड़ों का प्रदर्शन हो रहा था, दूसरी टोली में युवा वर्ग थे और तीसरी टोली में महिलाएं नृत्य कर रहीं थीं।


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