धर्मिक नगरी नर्मदापुरम में नपा बना रही है एक करोड़ की लागत से मीट मार्केट आखिर पवित्र धार्मिक स्थल में मीट मार्केट की क्या जरूरत? एक करोड़ का विवादास्पद फैसला धार्मिक भावनाओं पर गहरा आघात यह बात संभागीय जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है - AKN News India

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Thursday, 5 September 2024

धर्मिक नगरी नर्मदापुरम में नपा बना रही है एक करोड़ की लागत से मीट मार्केट आखिर पवित्र धार्मिक स्थल में मीट मार्केट की क्या जरूरत? एक करोड़ का विवादास्पद फैसला धार्मिक भावनाओं पर गहरा आघात यह बात संभागीय जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है



 धर्मिक नगरी नर्मदापुरम में नपा बना रही है एक करोड़ की लागत से मीट मार्केट 

आखिर पवित्र धार्मिक स्थल में मीट मार्केट की क्या जरूरत? 

एक करोड़ का विवादास्पद फैसला धार्मिक भावनाओं पर गहरा आघात 

यह बात संभागीय जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है 


नर्मदापुरम। घपलों और घोटालों के लिए समूचे प्रदेश में बुरी तरह बदनाम नगर पालिका एक और कारनामा करने जा रही है। आलम यह है कि पवित्र धार्मिक नगरी में मीट मार्केट बनाने की क्या जरूरत है। मालूम हो कि नगर पालिका शहर के अंदर मीट मार्केट बनाने जा रही है।

 प्रदेश सरकार के मुखिया नर्मदापुरम को पवित्र धार्मिक नगरी घोषित कर चुके हैं, वहीं नर्मदा तट से निश्चित दूरी के पहले शराब दुकानें हटवा दी गई है लेकिन अब नगर पालिका शहर के अंदर मटन चिकन और मछली विक्रय करवाने के लिए एक करोड़ रुपए की लागत से मीट मार्केट बना रही है। नपा के इस निर्णय को जानकार धार्मिक आस्था और शहर की धार्मिक मान्यताओं पर कुठाराघात बता रहे हैं। 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नगर पालिका द्वारा मीट मार्केट करोडों की लागत से बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह बनाया भी ऐसी जगह जा रहा जो शहरी क्षेत्र  से लगा हुआ है। बताया जाता है कि जिस जगह पर यह मार्केंट बनाया जा रहा है वह जगह उद्यानिकी विभाग की है। जगह का हस्तांतरण नगर पालिका को हुआ नहीं है, कलेक्टर से अनुमति ली नहीं गई है, प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुई तो फिर इसका प्रस्ताव किसके इशारे पर और किसकी शह पर तैयार किया गया है। 

 मालूम हो कि ओवर ब्रिज के नीचे शासकीय उद्यानिकी विभाग की जमीन पर करोड़ों रूपए का मीट मार्केट बनाने की पहल की जा रही है। जो की नियम के तहत गलत है। इस रास्ते पर शहर का अधिकांश हिस्सा जुड़ा हुआ है और उक्त रास्ते से ही लोगों का चोबीस घंटे आना जाना लगा रहता है। 

बजट ठिकाने लगाने की कवायद

बताया जाता है कि नगर पालिका को प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने करोड़ों रुपए का बजट दिया है यह सब बजट को ठिकाने लगाने की कवायद माना जा रहा है। शासन और प्रशासन को गुमराह कर विकास और जनसुविधा के नाम पर एक पवित्र धार्मिक शहर को गंदा करने का प्रयास किया जा रहा है। मालूम हो कि पूरे जिले को स्मरण है,16 फरवरी 2024 को नर्मदा जयंती के पावन पर्व पर जिले के चारों विधायक डॉ सीताशरण शर्मा , विधायक प्रेम शंकर वर्मा , ठाकुरदास नागवंशी विधायक विजयपाल सहित जिले के प्रभारी मंत्री एवं पूज्य संतों तथा लाखों नर्मदा मैया के भक्तों के समक्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा जनता की धार्मिक आस्थाओं के अनुसार नर्मदापुरम नगर को पवित्र धार्मिक नगरी नगर घोषित किया गया था। 

पवित्र नगरों की सीमाओं में मांस और शराब की बिक्री शासन द्वारा प्रतिबंधित है। फिर क्यों नगरपालिका अधिकारी और अध्यक्ष नगर सीमा के अन्दर मीट मार्केट के लिये जमीन का चयन कर रही है। बताया जाता है कि विश्व हिन्दू परिषद द्वारा क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी एवं क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा जिला कलेक्टर सोनिया मीना से आग्रह किया है कि जन भावनाओं के सम्मान में तत्काल प्रशासनिक अधिकारीयों से बात कर मीट मार्केट का स्थान परिवर्तन करवाया जाये। 

अन्यथा संत समाज विश्व हिन्दू परिषद एवं नर्मदा भक्तों को शासन के इस नीति के विरोध आन्दोलन करने को विवश होना पड़ेगा। यह बात चौक चौराहों पर जनचर्चा में बनी हुई है।



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