मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
अपनी बात तथ्य और सत्य के साथ रखेंः प्रमोद शर्मा
प्रज्ञा प्रवाह की बैठक आयोजित
नर्मदापुरम। वैचारिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठन प्रज्ञा प्रवाह की नर्मदापुरम विभाग की मासिक बैठक शुक्रवार को समेरिटंस विद्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रज्ञा प्रवाह के कार्य, उसकी आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। साथ ही साहित्यकार अशोक जमनानी की कृति मेरे स्पिक मैके दिन की समीक्षा की गई।
प्रज्ञा प्रवाह के गठन के उद्देश्य और कार्य योजना के बारे में चर्चा करते हुए विभाग संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि संगठनों द्वारा समाज में भ्रामक विमर्श खड़े करके समाज को भ्रमित किया जाता है। हमें ऐसे संगठनों और विमर्श के विरूद्ध तथ्यों को सत्य के साथ आम लोगों के सामने रखना है। उन्होने बताया कि संगठन महिला, युवा, शोध और प्रचार क्षेत्र में काम करता है। हमारे विभाग की टीम गठित हो चुकी है और बेहतर कार्य कर रही है।
बैठक के दूसरे चरण में श्री जमनानी की कृति की समीक्षा संजय गार्गव ने कही। श्री गार्गव ने पुस्तक की विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला और कलाकारों की स्थिति और उनके प्रभाव को व्यक्त करने वाली यह अद्भुत कृति है। उन्होंने कहा कि पुस्तक जहां आम लोगों के लिए पठनीय है, वहीं यह कला का सहेजने का काम भी करती है। यह एक संस्मरण के रूप में लिखी गई किताब है। उन्होंने इसकी गत्यात्मकता और शैली पर भी प्रकाश डाला। चर्चा में संतोष व्यास, शक्ति रघुवंशी, अनिल अग्रवाल ने भी सहभागिता की और अपने विचार रखे।
अंत में अशोक जमनानी ने कला और कलाकारों की खोती साख पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कला साधक के हाथ से निकलकर अब सेलिब्रिटी के हाथों में पहुंच रही है। यह कला के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कला को सहेजने के लिए सरकारी प्रयासों को नाकाफी बताया और अधिक गंभीरता से प्रयास करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में आरएसएस के चंद्रविजय गोस्वामी, हेमराज सिंह ठाकुर, देवी सिंह मीना, डॉ उमेश सेठा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रूचि खंडेलवाल ने किया जबकि आभार प्रमोद शर्मा ने व्यक्त किया।

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