मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
संगीत में नियमित अभ्यास आवश्यक है - शिक्षाविद डॉ. आशुतोष शर्मा
संगीत एक कला है, जिसका मध्य ध्वनि और मौन है, जो समय के साथ घटित होता है- प्रफुल्ल तिवारी
सितम्बर माह में उदित और अस्त हुए सितारों को 'म्यूजिक जोन' ने भेंट की स्वरांजली, हुआ जिंदगी कैसी है पहेली कार्यक्रम
एकेएन न्यूज़ नर्मदापुरम। भारतीय संगीत जगत के सितम्बर माह में उदित एवं अस्त हुए सितारों को 'म्यूजिक जोन' ने स्वरांजली भेंट की । स्थानीय इंग्लिश जोन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद डॉ. आशुतोष शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल तिवारी, संस्था सहयोगी मुकेश जैन, प्रदीप गुप्ता, संगीतकार राम परसाई, सईद कुरेशी, असीम विश्वास सहित अन्य विशिष्ट जन शामिल हुए। मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस मौके पर डॉ. शर्मा ने कहा कि संगीत एक कला है, जिसे कठोर साधना द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। संगीत में नियमित अभ्यास आवश्यक है । संगीत में तीन कलाओं का समावेश है।
विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल तिवारी ने कहा कि एक वर्ष में ही म्यूजिक जोन संस्था ने जिले भर के कलाकारों जोड़ा। यह एक बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि संगीत एक कला है जिसका मध्य ध्वनि और मौन है जो समय के साथ घटित होता है। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि म्यूजिक जोन का मुख्य उद्देश्य संगीत से लोगों को जोड़ना। संगीत क्या है इसकी तकनीकी जानकारी देना संगीत को बढ़ाना ।
*जिंदगी कैसी है पहेली कार्यक्रम का आयोजन*
भारतीय संगीत जगत के सितम्बर माह में उदित एवं अस्त हुए सितारों को 'म्यूजिक जोन' द्वारा स्वरांजली भेंट की गई। 'म्यूजिक जोन' संगीत साधकों, संगीत प्रेमियों का समूह है जिसमें नगर के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ राम परसाई, असीम बिस्वास के मार्गदर्शन में उभरते हुए कलाकारों को मंच एवं प्रोत्साहन देने के साथ साथ लोकप्रिय संगीत से जुड़े अवसरों को जीवंत बनाये रखने के उद्देश्य से निरंतर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदापुरम के किशोर कुमार व म्यूजिक जोन के संस्थापक असीम बिस्वास द्वारा माँ दुर्गा के भक्ति गीत "अम्बे चरण कमल है तेरे" से की गयी। असीम बिस्वास ने बहुत खूबसूरत गजल लिख रहा हूं, ये आईने जो तुम्हे, या दिल की सुनो गीत भी प्रस्तुत कर नवोदित कलाकारों के समक्ष गायिकी की मिसाल कायम की। कार्यक्रम के सूत्रधार सईद कुरैशी ने चलो एक बार फिर से, तुम अगर साथ देने का वादा करो, प्रकाश आहूजा ने महेंद्र कपूर के महाभारत टाइटल ट्रैक की प्रस्तुति, नाराज़ सवेरा, जनपद सीईओ हेमंत सूत्रकार ने अपना दिल तो आवारा, तू प्यार है किसी और का, राकेश दुबे ने कहता है बाबुल, अब तेरे बिन जी लेंगे हम , नगर की उभरती गायिका ऋतु कुलश्रेष्ठ ने जाइये आप कहां जाएंगे, ऋतु एवं सीमा कुलश्रेष्ठ ने तेरा मेरा साथ रहे, युगल गाकर बांधा शमा ।
जिंदगी में मोहब्बत, ये रात ये चांदनी फिर कहां , राजेश सिंह ने सोचेंगे तुम्हे प्यार करें के नहीं, अभिलाष दुबे ने तेरे प्यार की तमन्ना, तूने ओ रंगीले कैसा, हरीश मांझी ने रूठ ना जाना तुमसे कहूं तो, ये नयन डरे डरे, सूरज तलरेजा ने ना तुम हमें जानो, तू मेरी जिन्दगी है एवं प्रतीक द्विवेदी ने शान को ट्रिब्यूट देते हुए चाँद सिफारिश, जबसे तेरे नैना एवं दिल मेरा चुराया क्यूँ जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। म्यूजिक जोन में नवोदित कलाकारों में पहली बार प्रस्तुति देने वाले मुकेश सरदाना ने पिया पिया ओ पिया, मुकेश गढ़वाल ने संसार से भागे फिरते हो एवं म्यूजिक जोन परिवार के चहेते बलराम सेन ने दीवाना दिल ढूंढे गाकर समा बांधा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष शर्मा ने ये मेरा दीवानापन है, चाँद सी महबूबा गाकर अपने प्रभावशाली गायन से श्रोताओं को रूबरू कराया। प्रसिद्ध गायक सन्तोष शर्मा ने भी इस अवसर पर सारंगा तेरी याद में, कहीं दूर जब दिन ढल जाए गाकर समां बांध दिया। अंत में वरिष्ठ कलाकार असीम विस्वास और साथी कलाकारों ने मिलकर ज़िंदगी कैसी है पहेली गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम में मुकेश जैन, राजेश कुलश्रेष्ठ, सीमा कुलश्रेष्ठ, सीमा दुबे, अमजद खान, विनोद सराठे, प्रेम चौहान, आनंद शुक्ला, श्री बाघमारे , नम्रता शर्मा, रविंद्र चौकसे, सचिन खम्परिया, प्रदीप गुप्ता, आदर्श सेन, शमसुद्दीन खान, एकता राजपूत, दीपक, अमित व इंग्लिश जोन के बच्चों का विशेष रूप से सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन सईद क़ुरैशी ने किया। असीम विस्वास ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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