मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
उद्योगपतियों और निवेशकों को कैम्पों के माध्यम से एमएसएमई नीति से अवगत कराएं : सीईओ श्री रावत
नर्मदापुरम। जिला स्तर पर एमएसएमई उद्योगों के संवर्धन हेतु परामर्श/ सुझाव, मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति/ योजना के क्रियान्वयन और जिला स्तर पर उद्योगों के संचालन में आ रही कठिनाइयों के निराकरण तथा निवेश को सुगम बनाकर निवेशकों को मार्गदर्शन करने हेतु गठित जिला स्तरीय निवेश संवर्धन एवं समन्वय समिति, नर्मदापुरम और लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड की संयुक्त बैठक में सीईओ एस.एस. रावत ने उपस्थित उद्योगपतियों को नई एमएसएमई नीति, 2025 के मुख्य बिन्दुओं से अवगत कराया गया।
बताया गया कि, पूर्व नीति में महिलाओं को अनुदान सहायता हेतु 100 प्रतिशत शेयरधारक होना आवश्यक था, किन्तु वर्तमान नीति में महिला शेयरधारक के 51 प्रतिशत शेयर होने पर उसे महिला इकाई मानते हुए महिलाओं के लिए अतिरिक्त अनुदान सहायता 48 प्रतिशत की गई है।
मशीनरी स्थापना, स्थापना व्यय, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर, विद्युत केबल, पेनल इत्यादि पर अनुदान सहायता मान्य की गई है, जबकि पूर्व में इन मदों पर व्यय अनुदान सहायता के लिए अमान्य थे। परिवहन शुल्क, जो पूर्व नीति में अनुदान सहायता के लिए अमान्य था, को वर्तमान नीति में अनुदान सहायता के लिए मान्य किया गया है। यह भी अवगत कराया कि, यदि किसी इकाई में सोलर प्लांट स्थापित किया जाता है, तो मशीन प्लांट निवेश में निवेश का 20 प्रतिशत मान्य किया जावेगा।
वार्षिक विक्रय टर्न ओवर पर पाँच वर्ष के लिए उत्पादन संबंधित सहायता 01 प्रतिशत किये जाने, 05 करोड से अधिक मशीनरी में निवेश करने वाली खाद्य प्रसंस्करण इकाई को मण्डी टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट, सेवा क्षेत्र में मोटर व्हीकल स्क्रैप केन्द्र की स्थापना के लिए सहायता हेतु 20 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 03 करोड रूपये), स्टॉम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (भू खण्ड के लिए अधिकतम 25 लाख रूपये) जैसी सुविधाओं के नई एमएसएमई नीति, 2025 में समावेशित होने संबंधी जानकारी उपस्थित उद्योगपतियों, अधिकारियों को दी गई। भोपाल में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 18 नवीन नीतियां लांच हुई हैं, जिनके संबंध में 28 फरवरी, 2025 को राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है।
बैठक में उद्योगपतियों द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में इकाईयों के संचालन में हो रही कठिनाइयों और समस्याओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया गया। औद्योगिक नीतियों में समय समय पर हुए परिवर्तनों की जानकारी विभागों द्वारा इकाइयों को न दिये जाने का तथ्य संज्ञान में लाये जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में अवेयरनेस कैम्प लगाकर एमएसएमई नीति, 2025 तथा अन्य नीतियों में हुए परिवर्तन/संशोधन से उद्योगपतियों को अवगत कराया जावे।
सीईओ जिला पंचायत श्री रावत द्वारा औ०क्षेत्र किशनपुरा और औ क्षेत्र खेडा, इटारसी में विद्युत फीडर, स्ट्रीट लाईन, विद्युत लाइन के बार-बार ट्रिप होने, अतिक्रमण, शराब और मटन बिक्री जैसे तथ्य संज्ञान में लाए जाने पर सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेन्द्र रावत तथा महाप्रबंधक एवं मुख्य नगरपालिका को संयुक्त रूप से मौका स्थल निरीक्षण कर समुचित कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, मंडीदीप, जिला रायसेन के उपस्थिति प्रतिनिधि को निर्देशित किया गया कि वे सप्ताह में 02 दिवस नर्मदापुरम मुख्यालय पर उपस्थित रहकर उद्योगपतियों से प्राप्त आवेदनों/ समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें।
भू-भाटक, संधारण शुल्क वसूली को लेकर औ०क्षेत्र किशनपुरा उद्योग संघ अध्यक्ष के आग्रह पर वसूली में उचित राहत प्रदान किये जाने संबंधी प्रस्ताव मुख्यालय प्रेषित किये जाने हेतु महाप्रबंधक को निर्देशित किया गया। औ०क्षेत्र किशनपुरा में सर्वाइट स्कूल की छुट्टी के दौरान परिवहन बाधित होने से मार्ग को एकांगी किये जाने के आग्रह पर सीईओ जिला पंचायत श्री रावत द्वारा ने समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये। बैठक में जिले में प्लास्टिक के रि-यूज/रि-साइकिल से संबंधित इकाई की स्थापना की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उद्योगपतियों से अपेक्षा की गई कि वे 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को श्रमिक के रूप में अपनी इकाई में न रखे तथा श्रमिकों की जानकारी श्रम विभाग को आवश्यक रूप से दें तथा इकाई से संबंधित जीएसटी रिटर्न समय पर फाइल करें, जिससे बाद में असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

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