*सम्पूर्ण श्रावण महारुद्राभिषेक प्रारम्भ*
निंदा और ईर्ष्या के त्याग से ही ईश्वर प्राप्ति :-आचार्य सोमेश परसाई
नर्मदा पुरम। शिवार्चन समिति के तत्वाधान व गुरुदेव आचार्य सोमेश परसाई जी के सान्निध्य में विगत 35 वर्षो से आयोजित हो रहे महारुद्राभिषेक का आज श्री गणेश हुआ। आज प्रथम दिवस के उपलक्ष्य में आचार्य सोमेश परसाई ने शिवभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिनका ह्रदय निर्मल होता है उनपर भगवान् विशेष कृपा करते हैं । अतः अभ्यास और भगवत भजन से यह संभव है कि हम अपने अंतःकरण से राग द्वेष ईर्ष्या को निकाल फेकें । क्योकि जब तक हम निंदक बने रहेंगे हमे प्राणिमात्र में कुछ न कुछ कमियां दिखाई देंगी और जब भगवत्कृपा से हम राग द्वेष ईर्षा अहंकार आदि से रहित हो जाएंगे तब प्रत्येक प्राणी में हमें परमात्मा का निवास प्रतीत होगा
इसके पूर्व भगवान् शिव का सम्पूर्ण विधिविधान के साथ रुद्राभिषेक किया गया । दूध दही आदि द्रव्यों से भगवान् का स्नान हुआ । वेद पाठ द्वारा भगवान् का रुद्राभिषेक किया गया इसके पश्चाय नाना प्रकार के सुगन्धित पुष्पों से भगवान् का मनोहारी श्रृंगार किया गया।

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