मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
एनईएस महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जैविक खेती के संबंध में जागरूकता रैली निकाली
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कार्यक्रम एन.ई.एस शिक्षा महाविद्यालय नर्मदापुरम के विद्यार्थियों द्वारा ग्राम बुधवाड़ा एवं आगरा में जैविक खेती के संबंध में जागरूकता रैली निकाली गई।
ग्राम वासियों को जैविक खेती करने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर ग्राम वासियों को विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि जैविक खेती एक ऐसी प्रणाली है जो सिंथेटिक रसायनों, उर्वरकों, कीटनाशकों और आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों का उपयोग करने के बजाय प्राकृतिक तरीकों पर निर्भर करती है।
यह खाद, हरी खाद, फसल रोटेशन और जैविक कीट नियंत्रण जैसी तकनीकों का उपयोग करती है ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन बना रहे। जैविक खेती मिट्टी, परिस्थिति की तंत्र और लोगों के स्वास्थ्य को बनाए रखती है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण कम होता है और पौष्टिक भोजन का उत्पादन होता है। जैविक खेती रासायनिक उर्वरकों के बजाय खाद, हरी खाद, कंपोस्ट और अन्य जैविक पदार्थों का उपयोग किया जाता है जो मिट्टी की उर्वरता और पोषक तत्व संतुलन बनाए रखते हैं।
ग्राम वासियों से विद्यार्थी एवं प्राध्यापकों द्वारा जैविक खेती पर चर्चा एवं समाधान के लिए को ग्राम वासियों जागरूक किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना खरे प्रवीण मीना प्रेम अश्वारे, डॉ डॉली जैन डॉ. ज्योति तिवारी, श्रीमती आनंदमयी दुबे, डॉ. सीमा बोहरा, श्रीमती निधि तिवारी श्रीमती अंबिका राजपूत कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


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