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Friday, 3 October 2025

किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्‍य दिलाने के लिए मध्‍यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है : मंत्री राकेश सिंह लोक निर्माण विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिं‍ग के माध्‍यम से की जिले में भावान्‍तर योजना के प्रभावी क्रियान्‍वयन की समीक्षा भावांतर योजना के माध्‍यम से सोयाबीन उत्‍पादक किसानों को उनकी उपज का दिया जाएगा पूरा लाभ विधायक, सांसद एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिती में संपन्‍न हुई बैठक


 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 


किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्‍य दिलाने के लिए मध्‍यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है : मंत्री राकेश सिंह

लोक निर्माण विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिं‍ग के माध्‍यम से की

जिले में भावान्‍तर योजना के प्रभावी क्रियान्‍वयन की समीक्षा

भावांतर योजना के माध्‍यम से सोयाबीन उत्‍पादक किसानों को उनकी उपज का दिया जाएगा पूरा लाभ

विधायक, सांसद एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिती में संपन्‍न हुई बैठक


एके एन न्यूज नर्मदापुरम// शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नर्मदापुरम जिले में मध्य प्रदेश शासन की किसान हितैषी  भावांतर योजना के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ सीता शरण शर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक श्री प्रेम शंकर वर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, मध्य प्रदेश तैराकी संघ अध्यक्ष पीयूष शर्मा, नर्मदापुरम जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, सुधीर पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में उपस्थित रहे। साथ ही सांसद दर्शन सिंह चौधरी एवं पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी वीसी के माध्यम से बैठक में ऑनलाइन सम्मिलित हुए। बैठक में कलेक्‍टर सुश्री सोनिया मीना सिटी मजिस्‍ट्रेट बृजेन्‍द्र रावत, उपसंचालक कृषि जे आर हेडाउ, समस्‍त एसडीएम सहित मंडी सचिव एवं अन्‍य भारसाधक अधिकारी आदि अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान मंत्री श्री सिंह ने कहा कि भावांतर योजना प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ प्रदान करने के लिए लागू की गई है। इसलिए योजना की पूरी जानकारी आखिरी पंक्ति में बैठे हुए किसानों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए आज दिनांक 03 अक्टूबर से पंजीयन प्रारंभ हो चुके है। मंत्री श्री सिंह ने बैठक के दौरान जिले में सोयाबीन फसल के कुल रकबे एवं अनुमानित उत्पादन की विस्तार पूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासनिक स्तर के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जाए। जिससे किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित सोयाबीन फसल के निर्धारित मूल्य के बराबर लाभ प्राप्त हो। इस दौरान मंत्री श्री सिंह ने बैठक में उपस्थित सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के बहुमूल्य सुझावों का भी गंभीरतापूर्वक विश्लेषण किया। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए की योजना के संबंध में ग्रामीण अंचलों में व्यापक जागरूकता अभियान सुनिश्चित करें जिससे किसानों को योजना के तहत लाभान्वित किया जा सके। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत किसान संघ एवं उनके पदाधिकारी के साथ बैठक कर योजना की विस्तार पूर्वक जानकारी प्रत्येक किसानों तक पहुंचाएं।

बैठक के दौरान कलेक्‍टर सुश्री सोनिया मीना ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि भावांतर योजना के संबंध में जिले के व्‍यापक रूप से किसानों को जागरुक किया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्‍वयन के लिए जनप्रतिनिधीगणों एवं किसान संघो के साथ नियमित रूप से संपर्क स्‍थापित किया जा रहा है। साथ ही पंजीयन प्रक्रिया के लिए समस्‍त एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि पंजीयन एवं फसल सत्‍यापन की प्रक्रिया पर पूर्ण रूप से निगरानी रखी जाए।

बैठक में उपसंचालक कृषि जे आर हेडाउ द्वारा सभा में उपस्थित समस्‍त सांसदगणों, विधयकगणों एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों तथा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को योजना के संबंध में आवश्‍यक जानकारी दी गई।

किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्‍य देने के लिए किसान हितैषि भावान्तर भुगतान योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ

बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि भावान्तर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिए 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर ग्राहक सेवा केन्द्र, एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क अथवा एमपी. किसान एप के माध्‍यम से किसान पंजीयन अनिवार्य है। पंजीकृत किसान भाई अपने सोयाबीन के बोए गए रकबे और उत्पादकता के आधार पर, दिनांक 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के मध्य अपनी सोयाबीन उपज बेचकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही मंडी में सोयाबीन उपज की नीलामी प्रक्रिया भी जिला प्रशासन के प्रतिनिधी की उपस्थित में ही संपन्‍न कराई जाएगी।

किसान भाइयों को मिलेगा FAQ मानक अनुसार उनकी उपज का पूरा लाभ:-

उपसंचालक द्वारा बैठक में उपस्थित सांसदगणों, विधायकगणों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है कि भावांतर योजना में FAQ मानक अनुसार किसान की जितनी उपज है, सरकार उसको भावांतर योजना अंतर्गत लाभ प्रदान करेगी। इसका मतलब यह है कि किसी भी किसान को उसकी FAQ की उपज का MSP की राशि रु. 5328/- प्रति क्विंटल का लाभ प्रदाय किया जायेगा।

 किसान भाई उत्पादकता के आधार पर ले सकेंगे भावांतर योजना का लाभ, 40% सीमा विक्रय की कोई बाध्यता नहीं:-

बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रांति अथवा विक्रय बाध्यता जैसी किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर कृषकगण ध्यान न दें। राज्य शासन द्वारा योजना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई है कि किसान बंधु अपने सोयाबीन के रकबे और उत्पादकता के आधार पर मंडी में सोयाबीन का भावान्तर योजना में लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि 40% की विक्रय बाध्यता जैसा कोई प्रावधान नहीं हैं। राज्य शासन द्वारा किसान के रकबे और उत्पादकता के आधार पर उपज को मंडी में भावांतर योजना में लाभ प्रदान करेगी। इससे अधिक मात्रा पर भी राज्य शासन द्वारा भावांतर की राशि का लाभ कृषकों को उनके खाते में प्रदान किया जायेगा।

03 अक्‍टूबर को पंजीयन प्रक्रिया हुई प्रारंभ, किसानों की सुविधा हेतु 15 पंजीयन केन्‍द्र स्‍थापित

  किसानो की पंजीयन सेवा 03 अक्टूबर 2025 से 17 अक्टूबर 2025 तक की अवधि के लिए जिला नर्मदापुरम में कुल 15 पंजीयन केन्द्र स्थापित किये गए है, जो कि तहसील सिवनीमालवा में सेवा सहकारी समिति चौतलाय का समिति मुख्यालय में, सेवा सहकारी समिति बघवाडा का स्थान ग्राम धर्मकुण्डी में, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नंदरवाडा का समिति मुख्यालय, विपणन सहकारी समिति मर्यादित बनापुरा, वृहताकार सेवा सहकारी समिति शिवपुर का समिति मुख्यालय, सेवा सहकारी समिति कोठरा का समिति मुख्यालय, वृहतकार सेवा सहकारी समिति का समिति मुख्यालय में, इसी प्रकार तहसील नर्मदापुरम में नर्मदांचल विपणन सहकारी संस्था मर्यादित होशंगाबाद द्वारा कृषि उपज मंडी परिसर नर्मदापुरम में, तहसील डोलरिया में सेवा सहकारी समिति मिसरोद द्वारा समिति मुख्यालय मिसरोद में, वृहताकार सेवा सहकारी समिति डोलरिया द्वारा समिति मुख्यालय डोलरिया में, तहसील इटारसी में वृहताकार सेवा सहकारी समिति इटारसी द्वारा मंडी प्रांगण इटारसी में, तहसील माखननगर में कृषक सेवा सहकारी समिति आरी द्वारा समिति मुख्यालय आरी में, तहसील सोहागपुर में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोहागपुर द्वारा मंडी प्रांगण सोहागपुर में, तहसील पिपरिया में कृषक सेवा सहकारी समिति खापरखेडा द्वारा समिति मुख्यालय खापरखेडा एवं तहसील बनखेडी में किसान विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी संस्था मर्यादित बनखेडी द्वारा मंडी प्रांगण बनखेडी में किसान पंजीयन की सेवायें दी जाएगी।

  किसानों को किया जाएगा मंडी मॉडल रेट एवं समर्थन मूल्‍य की राशि के अंतर का भुगतान

यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। उक्‍त अंतर राशि का भुगतान डीबीटी के माध्‍यम से सीधा किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।

उपसंचालक द्वारा पीपीटी के माध्‍यम से अंतर गणना और उसका आंकलन का उदाहरण के माध्‍यम से जानकारी दी गई जिसमें लाभ की गणना - स्थिति 1 जब विक्रय मूल्य एमएसपी से कम लेकिन मॉडल भाव से अधिक हो तब उदाहरण के रूप में भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए, किसान का विक्रय मूल्य मंडी में (वास्तविक बिक्री) 4800 रुपए, मॉडल भाव मंडी का औसत भाव 4600 रुपए, भावांतर राशि राज्य सरकार द्वारा भुगतान 528 रुपए का भुगतान किसानों को किया जाएगा। इसी प्रकार लाभ की गणना - स्थिति 2 जब विक्रय मूल्य एसपी और मॉडल भाव दोनों से कम हो उदाहरण के रूप में भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए, किसान का विक्रय मूल्य मंडी में वास्तविक बिक्री 4500 रुपए मॉडल भाव मंडी का औसत भाव 4600 रुपए, भावांतर राशि 728 रुपए का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा मांग की गई कि मंडियों में मॉडल रेट की जानकारी सार्वजनिक हो और मंडी सूचना पटल पर चस्‍पा करवाई जाए। साथ ही मॉडल भाव की राशि जो कि प्रतिदिवस के अनुसार बदलती है उसकी जानकारी कृषकों तक पहुंचाने की भी व्‍यवस्‍था की जाए जिससे किसानो द्वारा अपनी फसल के विक्रय के पश्‍चात अंतर की गणना में पारदर्शिता हो। कलेक्‍टर द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को आश्‍वस्‍त किया गया कि विभाग द्वारा नियमित मॉडल भाव की जानकारी कृषकों के साथ साझाा की जएगी एवं मंडी सूचना बोर्ड पर भी उक्‍त जानकारी चस्‍पा की जाएगी।



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