बरसों पुरानी, खटारा और कंडम बसें, जिले में गंतव्य स्थानों के लिए हो रही संचालित, परिवहन विभाग मौन बरसों पुरानी बसें न सिर्फ यात्रियों के लिए असुरक्षित है, बल्कि प्रदूषण को पहुंचाती है भारी नुकसान नियमों का उल्लंघन कर रही, बसें सड़कों पर दौड़ लगाती हुई कभी भी आसानी से देखी जा सकती है - AKN News India

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Monday, 17 November 2025

बरसों पुरानी, खटारा और कंडम बसें, जिले में गंतव्य स्थानों के लिए हो रही संचालित, परिवहन विभाग मौन बरसों पुरानी बसें न सिर्फ यात्रियों के लिए असुरक्षित है, बल्कि प्रदूषण को पहुंचाती है भारी नुकसान नियमों का उल्लंघन कर रही, बसें सड़कों पर दौड़ लगाती हुई कभी भी आसानी से देखी जा सकती है


 






फाइल फोटो 

एके एन न्यूज एडिटर इन चीफ 


बरसों पुरानी, खटारा और कंडम बसें, जिले में गंतव्य स्थानों के लिए हो रही संचालित, परिवहन विभाग मौन 

बरसों पुरानी बसें न सिर्फ यात्रियों के लिए असुरक्षित है, बल्कि प्रदूषण को पहुंचाती है भारी नुकसान 

नियमों का उल्लंघन कर रही, बसें सड़कों पर दौड़ लगाती हुई कभी भी आसानी से देखी जा सकती है 


नर्मदा पुरम। जिला मुख्यालय से प्रदेश के विभिन्न जिलों के बीच पिछले पन्द्रह साल से अधिक पुरानी बसें आए दिनों धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। आलम यह है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इन पुरानी बसों का संचालन किसकी मिलीभगत से किया जा रहा हैं, यह बात संभागीय जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पुरानी बसों के चलाए जाने की शिकायतें लोगों द्वारा पूर्व में विभाग को गई थी लेकिन इस के बावजूद भी इस प्रकार की बसों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। आखिर इस तरह की बरसों पुरानी खटारा बसों से आम जनता को कब निजात मिलेगा। हकीकत यह भी है कि नियमों के अनुसार इतनी पुरानी बसों को जिलों में संचालित करने की अनुमति नहीं है, साथ ही पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए इन बसों का संचालन जिला मुख्यालय से विभिन्न गंतव्य स्थानों के लिए आए दिन किया जा रहा है।

 गौरतलब है कि ऐसी बसों के कारण ही अक्सर यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा पर खतरा मंडराता रहता है, बता दें कि इस प्रकार की पुरानी बसें न सिर्फ यात्रियों के लिए असुरक्षित होती है बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण भी अधिक मात्रा में होता है। इसी के चलते परिवहन विभाग आयुक्त द्वारा विभिन्न श्रेणियों के लिए बसों की आयु सीमा निर्धारित की गई है। परिवहन विभाग की बात माने तो इन्हीं नियमों के पालन से सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधा सुनिश्चित की जा सकती है। 

सूत्रों से मिल रही खबर के अनुसार मध्य प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बस श्रेणी के वाहन अब सड़क पर नहीं चल सकेंगे और इस प्रकार पुराने वाहनों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित विभागों को भी नियमों का शक्ति से पालन करने के निर्देश दिए हैं इसके साथ ही नई व्यवस्था लागू होते ही विभिन्न जिलों में बसों की जांच यातायात विभाग द्वारा शुरू कर दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का कहना है कि नियम तोड़ने वाले बस संचालकों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। इस खबर को लेकर जिला परिवहन अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।


No comments:

Post a Comment

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सशक्त उपाय है एचपीवी वैक्सीन जिले में में 20 मार्च को 640 बालिकाओं ने लगवाया टीका अब तक 3278 बालिकाओं को लगी एचपीवी वैक्सीन

 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ  सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सशक्त उपाय है एचपीवी वैक्सीन जिले में में 20 मार्च को 640 बालिकाओं ने लगवाया टीका अब तक 3...

Post Top Ad

Responsive Ads Here