मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
सहकारी बैंक द्वारा कृषकों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु उनसे सतत संवाद रखा जाए : कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना
प्रशासक एवं कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में नाबार्ड अधिकारियों एवं बैंक सीईओ के साथ बैठक संपन्न
नर्मदापुरम// राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार बैंक विनियम अधिनियम 1949 (एएसीएस) की धारा 35 (6) के अंतर्गत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नर्मदापुरम् का सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड धीरेन्द्र कोरी, एवं प्रबंधक नाबार्ड नीरज बी. जागरे के द्वारा निरीक्षण किया गया।
बैठक प्रशासक एवं कलेक्टर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नर्मदापुरम् सुश्री सोनिया मीना, की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक में नाबार्ड के द्वय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान बैंकिंग व्यवसाय के दौरान सकारात्मक पहलुओं पर बैठक में प्रशासक एवं कलेक्टर सुश्री मीना से समक्ष में चर्चा की गई एवं कमियों को दूर करने के लिए नाबार्ड अधिकारियों के द्वारा सुझाव दिये गये है। बैठक में कलेक्टर द्वारा बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नाबार्ड अधिकारियों के द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल करने के निर्देश दिये गये।
बैठक के दौरान प्रशासक एवं कलेक्टर द्वारा सुश्री अर्चना कहार पुत्री स्व कमलेश कहार को अनुकंपा नियुक्ति आदेश प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि स्व. कमलेश कहार भृत्य का बैंक सेवा में बने रहने के दौरान निधन होने से स्वर्गीय कहार की वैध उत्तराधिकारी पत्नि श्रीमति संगीता कहार पत्नि स्व.श्री कमलेश कहार को अपनी बड़ी पुत्री अर्चना कहार को बैंक में अनुकंपा नियुक्ति दिये जानें की सहमति के आधार पर प्रशासक एवं कलेक्टर द्वारा सुश्री अर्चना कहार को बैंक में लिपिक /कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने बैठक में बैंक सीईओ श्री सिंह को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बैंक स्तर पर आरओ/डीडी का अद्यतन न होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बैंक सीईओ विनय प्रकाश सिंह को निर्देशित किया कि डीआरसीएस, मार्कफेड, कृषि विभाग तथा सहकारी बैंक आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि खाद वितरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी विभाग योजना के अनुरूप सुव्यवस्थित तरीके से संयुक्त रूप से कार्य करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने यह भी निर्देश दिए कि सहकारी बैंक द्वारा किसान संगठनों के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति को दूर करने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियमित संवाद बेहद आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद और समन्वय से ही संभव है। इसलिए बैंक एवं संबंधित विभाग किसानों के साथ सतत संपर्क में रहें तथा इस प्रकार की समन्वय बैठकें निरंतर आयोजित करते रहें, जिससे किसानों की समस्या का समाधान और अन्य कृषि सेवाओं की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी एवं सुचारु हो सके।

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