समृद्ध यह है पुरातन भारत का विज्ञान
नर्मदापुरम। स्थानीय नर्मदा महाविद्यालय में प्रज्ञा प्रवाह के अध्ययन मंडल की मासिक बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें महाविद्यालय के डा. रवि उपाध्याय, प्रज्ञा प्रवाह शोध आयाम प्रमुख एवं मुख्य वक्ता गृहविज्ञान महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. रामबाबू मेहर, प्रज्ञा प्रवाह की विभाग सहसंयोजिका कु. रूचि खंडेलवाल, विभाग टोली सदस्य श्रीमती भारती चौकसी एवं विधार्थियों सहभागिता ली गई है।
प्रज्ञा प्रवाह के विभाग संयोजक प्रमोद शर्मा ने बताया कि इसमें डा. रामबाबू मेहर ने भारत में विज्ञान की उज्ज्वल परंपरा विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत का वैज्ञानिक इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी रहा है। यहाँ विभिन्न कालों में विज्ञान, गणित, खगोल, आयुर्वेद, वास्तुकला, धातुकर्म एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियाँ बताया गया है।

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