भगवान हर परिस्थिति में भक्त की रक्षा करते हैं
चतुर्थ दिवस भक्त प्रहलाद की कथा का मंचन
नर्मदापुरम। वृंदावन की ख्याति प्राप्त रासलीला मंडल के स्वामी फतेह कृष्ण शर्मा ने लीला के चतुर्थ दिवस कहा कि भगवान हर परिस्थिति में भक्त की रक्षा करते हैं। भक्त प्रहलाद की कथा हमें यही संदेश देती है। लीला के माध्यम से बताया गया कि भक्त प्रहलाद को उनके पिता हिरण्यकश्यपु ने मारने के कई प्रयास किए। उन्हें पहाड़ की छोटी से फेंका गया। आग में जलाया गया। हर क्षण भगवान ने उनकी रक्षा की। अंत में उन्होंने पूछा तुम्हारा नारायण कहां है, तो प्रहलाद ने कहा वह सभी स्थान पर रहते हैं। नरसिंह भगवान उनकी रक्षा के लिए लोहे के खंभे से प्रकट हुए। उन्होंने हिरण्यकश्यपु को अपनी गोद में (पशु-पक्षी के बीच का रूप) रखकर मार डाला, जिससे उनके वरदान का पालन भी हो गया।
लीला में बताया गया कि यह कथा सिखाती है कि ईश्वर अपने भक्तों की हर मुश्किल में रक्षा करते हैं और भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है, जो असंभव को भी संभव कर देती है। प्रहलाद बाद में असुरों के राजा बने और अपने राज्य में धर्म और भक्ति का प्रचार किया। इसके पूर्व मनोहारी रास हुआ। आयोजन 20 दिसम्बर तक चलेगा। यह आयोजन समेरिटंस ग्रुप के डायरेक्टर डा आशुतोष शर्मा द्वारा कराया जा रहा है। लीला में प्रतिदिन भक्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।


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