मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु समस्त राजस्व अधिकारी गंभीरता के करें अपने दायित्वों का निर्वहन : कलेक्टर
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश
नर्मदापुरम/ बुधवार को कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में राजस्व मामलों की समीक्षा हेतु जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरणों के अनिवार्य पंजीयन, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण तथा भूमि आवंटन, भू-अर्जन, वन व्यवस्थापन एवं मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े प्रकरणों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
आरसीएमएस पोर्टल पर सभी प्रकरण दर्ज करें, पुराने लंबित मामलों के निराकरण में भी अधिकारी दिखाऐं तेजी
कलेक्टर ने जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का आरसीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी अपना प्रदर्शन अव्वल रखें और माह के अंत तक एक वर्ष से अधिक पुराने कोई भी प्रकरण लंबित न रहें।
भूमि आवंटन प्रकरण अप्राप्त होने की स्थित में संबंधित एसडीएम जिला कार्यालय में उपस्थित होकर करवाऐं लंबित मामलों का निराकरण
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को नियमित रूप से कार्योन्मुख रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नजूल नवीनीकरण के प्रकरणों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि छह माह से अधिक पुराने भूमि आवंटन प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार का विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अनुविभागों से नियमित रूप से भूमि आवंटन के प्रकरण जिला कार्यालय में प्राप्त नहीं हो रहे हैं, वहां के संबंधित अनुविभागीय अधिकारी प्रत्येक सोमवार को स्वयं जिला कार्यालय में उपस्थित होकर उक्त कार्य पूर्ण करवाएं। इसी प्रकार रेलवे से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े समस्त एसडीएम को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि इंडस्ट्रियल एरिया एवं अन्य परियोजनाओं से जुड़े भूमि आवंटन मामलों में सक्रियता दिखाते हुए शीघ्र कार्यवाही करें और निराकरण सुनिश्चित करें। पिपरिया एसडीएम को विशेष रूप से वन व्यवस्थापन से संबंधित मामलों में रुचि लेकर समाधान करने के निर्देश दिए गए।
भू-अर्जन के मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुका है, उनमें आवश्यकतानुसार अभिलेख सुधार सहित आगामी कार्यवाही पूर्ण कर भू अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। अपूर्ण मामलों में जिला कार्यालय द्वारा चिन्हित सभी आवश्यक खानापूर्ति पूर्ण कर प्रकरण पुनः जिला कार्यालय भेजने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
कलेक्टर ने अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत को निर्देश दिए कि साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम को प्रकरणों के निराकरण हेतु निरंतर कार्योन्मुख किया जाए। उन्होंने बताया कि स्वामित्व के लंबित प्रकरणों में माखननगर एवं नर्मदापुरम ग्रामीण तहसीलों का कार्य अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है, जिस पर संबंधित तहसीलदार विशेष ध्यान दें तथा अनुविभागीय अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें। इसी प्रकार फार्मर रजिस्ट्री में भी राजस्व अधिकरियों द्वारा विशेष रूप से फोकस किया जाए।
कलेक्टर ने ग्रामों में वन व्यवस्थापन के पटृटों के पुनः सत्यापन एवं सीमांकन से संबंधित कार्यवाहियों के लिए कार्यशाला आयोजित कर राजस्व अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु तहसीलदारों एवं एसडीएम से सतत संपर्क बनाए रखें।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में नोटिस प्राप्त मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुतीकरण में प्रदान करें उचित मार्गदर्शन
कलेक्टर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जारी नोटिसों एवं सुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। साथ ही बीएलए के माध्यम से भी मतदाताओं को सुनवाई की कार्यवाही हेतु जागरूक करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान एडीएम राजीव रंजन पांडे, अपर कलेक्टर अनिल जैन, बृजेन्द्र रावत उपस्थित रहे। साथ ही सभी एसडीएम एवं तहसीलदार तथा अन्य राजस्व अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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