एके एन न्यूज नर्मदा पुरम
प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने वाला बजट : श्री सिंह
नर्मदापुरम। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में शुक्रवार को मध्यप्रदेश बजट घोषित होने पर जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को मध्यप्रदेश के स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप ने संबोधित किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह, महामंत्री कुंवर सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष लोकेश तिवारी नपा अध्यक्ष नीतू महेन्द्र यादव, जिला मीडिया प्रभारी अमित महाला उपस्थित रहे।
मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का यह बजट सशक्त और समावेशी अर्थव्यवस्था के लिए ब्लू प्रिंट है, जो विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विजन डाक्यूमेंट का रूप लेता है। यह बजट मध्यप्रदेश के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य। बनाने में सहायक होगा।
बजट में प्रधानमंत्री मोदी के चार प्रमुख वर्ग गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है,जो प्रदेश के समग्र विकास को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप, मध्यप्रदेश सरकार। ने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। मध्यप्रदेश के बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है, न ही लोक कल्याणकारी योजनाओं में किसी प्रकार की कटौती की गई है।
वर्ष 2026-27 का मध्यप्रदेश बजट कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और समाज के हर वर्ग के लिए समर्पित है। मध्यप्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को बधाई देता हूं। किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि, बीमा योजनाएं,और सौर ऊर्जा पंप जैसी योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जो कृषि क्षेत्रके विकास को बढ़ावा देंगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएं और आंगनवाड़ी सेवाओं के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सशक्त बनाने में मदद करेगा।
प्रदेश सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा और नए विकास के अवसर सृजित होंगे। बजट में औद्योगिक क्षेत्रको प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और रोजगारके अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित होगी।
यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए मार्गदर्शन करता है और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में नई तकनीकी संस्थाओं की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के लिए बजट आवंटित किया गया है, जिससे राज्य में तकनीकी शिक्षा और खेलों को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश सरकार ने 4,38,317 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट से स्वयं के व्यय से 1,17,667 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। केन्द्र से 1,12,137 करोड़ प्राप्त होंगे। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि है।
पूंजीगत व्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष के अपेक्षा लगभग 7.5 फीसदी की वृद्धि की गई है। अनुसूचित जनजाति के बजट में 47,429 करोड़ यानी 25.8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अनुसूचित जाति विभाग के बजट में 31,192 करोड़ यानी 17 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बजट में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 10.69 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2023-24 की तुलना में 9.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को समर्पित किया गया है।
गौशाला योजना की राशि में वृद्धि-किसानों के पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। सोलर सिंचाई पंप-1 लाख सोलर सिंचाई पंप किसानों को प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषक उन्नति योजना 5500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्राकृतिक खेती - 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्रमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये का प्रावधान। कृषक प्रोत्साहन राशि- किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि- मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध संकलन में वृद्धि की जा रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयास लाड़ली लक्ष्मी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना में 23882 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल 5700 वर्किंग वूमेन हॉस्टल इंडस्ट्रियल शहरों में बनाए जाएंगे। नारी कल्याण योजनाएं महिलाओं के लिए। पेंशन योजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं के लिए कुल 1.27 लाख करोड़ का प्रावधान। युवा सशक्तिकरण और रोजगारके अवसर हर युवा को रोजगार युवावर्ग के लिए रोजगार सृजन के उद्देश्य से बजट तैयार किया गया है। अहिल्याबाई कौशल विकास योजना- इस योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कृषि ऋण -25,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। छात्रवृत्ति योजना- 46 लाख पंजीकरण अटल पेंशन योजना में किए गए हैं। खेल एवं युवा कल्याण- 815 करोड़ रुपये का बजट खेल योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास योजनाएं मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना- 21,630 करोड़ रुपये की सड़क योजना मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। सांदीपनी विद्यालय 294 सांदीपनी विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। PM श्री योजना 799 विद्यालय इस योजना के तहत संचालित होंगे और 530 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
आर्थिक प्रावधान और योजनाएं। मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपयेका वित्त प्रावधान सशक्तिकरण, और अन्य विकास योजनाओं के लिए यह राशि आवंटित की गई है। कृषि, महिला PM जन धन योजना 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले गए हैं, जिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 3 करोड़ 64 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना 1 करोड़ 54 लाख पंजीकरण के माध्यम से लाखों परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग केलिए योजनाएं घुमक्कड़ वर्ग के लिए।
प्रावधान 1691 करोड़ रुपये का प्रावधान इस वर्ग के विकास के लिए किया गया है।पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग इन वर्गों के विकास के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है। नैतिक और सामाजिक कर्तव्यों के साथ बजट"GYAN" (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर यह बजट राज्य के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए तैयार किया गया है। धरती आवा अभियान - 752 करोड़ रुपये का बजट पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा हेतु प्रावधान किया गया है। आर्थिक क्रांति की दिशा में कदम यह बजट एक नई आर्थिक क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री वृंदावन योजना ग्रामीण विकास केलिए वृंदावन योजना की शुरुआत की गई है, जो ग्रामों के समग्र विकास को बढ़ावा देगी। वीबी-जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ का प्रावधान वर्ष 2026-27 के बजट में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और। ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए चलाई जा रही बीबी-जी रामजी योजना के लिए 10428 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कक्षा आठवीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा। महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ दिए गए हैं। हेल्थ सेक्टर के लिए 23,747 करोड़ दिए गए हैं।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 472 ई-बसें शुरू की गई हैं। सिंहस्थ के लिए 13851 करोड़ मध्यप्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले आस्था के महाकुंभ सिंहस्थ के लिए सरकार ने इस बजट में 13,851 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। इसके साथ ही पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान है। पीएम जन मन के लिए 900करोड़, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण क्षेत्र केलिए 6 हजार 151 करोड़ के साथ कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर जिलामंत्री सम्राट तिवारी, रीता ठाकुर, कार्यालय मंत्री प्रशांत दीक्षित, वंदना दुबे, दीपक महाला, सोशल मीडिया के गजेन्द्र चौहान, राहुल ठाकुर, राहुल पटवा, मंडल अध्यक्ष सागर शिवहरे, रूपेश राजपूत, गोकुल पटेल राजकुमार चौकसे, मुकेश नागर, सुंदरम अग्रवाल, मनीष परदेश, दुर्गेश मिश्रा, सुरेन्द्र चौहान आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

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