मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
चित्रगुप्त मंदिर में गूंजा 'जय भगवान चित्रगुप्त, कलम-दवात पूजन अर्चन के साथ लोक कल्याण की कामना की
नर्मदापुरम । नर्मदा तट स्थित ऐतिहासिक चित्रगुप्त घाट पर गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान चित्रगुप्त के विशेष वार्षिकोत्सव का। लगभग एक शताब्दी से भी अधिक प्राचीन इस सिद्ध मंदिर में कायस्थ समाज सहित सर्व समाज के श्रद्धालुओं ने शिरकत कर अपनी आस्था प्रकट की।
कलम-दवात का पूजन और भव्य श्रृंगार
प्रात: काल से ही मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार की गूँज सुनाई देने लगी थी। विद्वान पंडितों के सानिध्य में भगवान चित्रगुप्त का अलौकिक श्रृंगार किया गया। कायस्थ समाज की परंपरा के अनुसार, सृष्टि के लेखपाल भगवान चित्रगुप्त के समक्ष कलम और दवात (मसिपात्र) की पूजा की गई, जो ज्ञान और न्यायपूर्ण न्याय का प्रतीक है। इसके पश्चात हवन-पूजन और फिर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
समाज और संस्कृति की झलक
कार्यक्रम के दौरान प्रखर समाजसेवी और मातृशक्ति की जिला अध्यक्ष ज्योति वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा: "यह मंदिर केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि हमारी 100 साल पुरानी विरासत और अटूट श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ की प्रतिमा अत्यंत चमत्कारी और सिद्ध है, जो हर वर्ग के व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण करती है। हमारा उद्देश्य अपनी आने वाली पीढ़ी को इन संस्कारों और भगवान चित्रगुप्त के बताए न्याय के मार्ग से जोड़ना है।
समाजसेवी रितु श्रीवास्तव ने समाज की एकजुटता पर बल देते हुए कहा भगवान चित्रगुप्त हमें कर्म की प्रधानता सिखाते है यह आयोजन हमारी एकता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अभय वर्मा प्रीती खरे, सुमन वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, गुनगुन खरे, अविनाश श्रीवास्तव, प्रिया श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, दक्ष खरे,सी बी खरे, सारिका सक्सेना, विजय वर्मा, आदित्य वर्मा, अनामिका वर्मा, अनीता वर्मा, उषा वर्मा, हीरा वर्मा, रश्मि वर्मा, गुड्डू वर्मा, बंटी वर्मा, मनोज वर्मा, केशव वर्मा, अश्वनी वर्मा, लालता प्रसाद, जानकी और जिला अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव शामिल हुए।

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