मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लू व हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील
नर्मदापुरम/ जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप और झुलसाने वाली लू के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पिछले 10 दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, वहीं रात्रि का तापमान भी 20 डिग्री के पार पहुंच गया है।
ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गेहलोत द्वारा स्वास्थ्य एडवायजरी जारी कर नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। एपिडेमियोलॉजिस्ट राजेंद्र चौहान के अनुसार जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तो यह हीट स्ट्रोक की स्थिति होती है। इसके लक्षणों में तेज सिरदर्द, उलझन, कमजोरी, अत्यधिक थकान शामिल हैं, जबकि गंभीर स्थिति में किडनी फेलियर या मृत्यु तक का खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। छोटे बच्चों को धूप में ले जाते समय उन्हें कपड़े से ढककर रखें तथा त्वचा को साफ और सूखा बनाए रखें, जिससे घमौरियों एवं त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इसके अलावा ठंडे पानी, कूलर आदि का उपयोग करें तथा बाहर निकलते समय छाता, टोपी या सनस्क्रीन का उपयोग करें।
निर्जलीकरण से रहें सावधान लंबे समय तक धूप में रहने या शरीर में पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में गला सूखना, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, थकान, त्वचा का पीला पड़ना, उल्टी एवं बेहोशी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें तथा विशेष रूप से छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का ध्यान रखें। गर्मी के इस मौसम में सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।

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