नर्मदापुरम। शहर के नामचीन मदनमोहन मेमोरियल हॉस्पिटल में काम करने वाले अकाउंटेट ने अस्पताल संचालक को लगभग 3 करोड़ रूपए की चपत लगाकर फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि हॉस्पिटल में काम करने वाला मोहसिन खान केशियर था और बैंक में नगदी व चेक पेंमेंट जमा करने का काम भी डॉक्टर दंपत्ति इसी से कराते थे। इसके अलावा बाहर का कामकाज भी केशियर के द्वारा ही किया जाता था। इस प्रकार अकाउंटेंट मोहसिन खान ने भरोसा कायम रखने के लिए लगभग एक दशक से उनके यहां कार्य करते हुए परिवार से नजदीकियां बढ़ाई। इसी का खामियाजा आज अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपत्ति को भुगतना पड़ गया। शहर कोतवाली टीआई विक्रम रजक ने जानकारी देते हुए बताया कि इटारसी पंजाबी मोहल्ला आसिफाबाद वार्ड 26 निवासी मोहसिन खान पिता स्वर्गीय हामिद खान पर मदन मोहन मेमोरियल अस्पताल संचालक की शिकायत के बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। टीआई श्री रजक ने बताया कि अकाउंटेंट मोहसिन खान ने अस्पताल के सभी बैंक खातों में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और दो करोड़ 60 लाख 64 हजार 344 रुपए का गबन कर फरार हो गया है। मालूम हो कि आरोपी ने सभी बैंक खातों मैं अपना मोबाइल और ईमेल इसलिए अपडेट करवाया था जिससे डॉक्टर दंपत्ति को ट्रांजैक्शन का पता नहीं चले। मालूम हो कि मोहसिन खान ने बैंक दस्तावेजों में भी हेराफेरी कर अस्पताल के खाते में रुपए तक जमा नहीं किए इस मामले का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर सेठा ने बैंक खाते चेक किए और पाया कि सभी बैंक अकाउंट खाली है।
इनका कहना
मदन मोहन मेमोरियल अस्पताल संचालक की शिकायत पर अकाउंटेंट मोहसिन खान पर धोखाधड़ी करने के मामले में एफ आई आर दर्ज की गई है। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई जारी है
विक्रम रजक, थाना प्रभारी कोतवाली
इनका कहना है
इस संबंध में डॉ उमेश सेठा का कहना है कि हमने जिस बैंक से लोन नहीं लिया उसमें मोहसिन खान ने 8 बैंकों से करीब दो करोड़ 60 लाख लोन लेकर फरार हो गया है इस मामले में हमारे द्वारा पुलिस में शिकायत की गई
डॉ उमेश सेठा
मदन मोहन मेमोरियल अस्पताल संचालक
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