उत्तराधिकार संपत्ति का नहीं अपितु संस्कारों का होना चाहिये: श्रीमती कृष्णादेवी मिश्र
नर्मदा महाविद्यालय स्थित पं. रामलाल शर्मा प्रतिमा स्थल पर आयोजित हुई पुण्य स्मरण सभा
नर्मदा पुरम। धर्म, न्याय और परोपकार के क्षेत्र में समाज सेवा के लिए अग्रणी एवं नर्मदा महािवद्यालय के संस्थापक पं. रामलाल शर्मा की 46 वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नर्मदा महाविद्यालय परिसर में पं. रामलाल शर्मा प्रतिमा स्थल पर पुण्य स्मरणसभा का आयोजन किया गया। जिसमें नगर के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, न्यायविद् सहित सभी वर्गों के लोगों ने उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
स्मरण सभा को संबोधित करते हुए भागलपुर बिहार से पधारी मानस कोकिला श्रीमती कृष्णादेवी मिश्र ने कहा कि जिस प्रकार पं. रामलाल शर्मा ने अध्यात्म और शिक्षा से लोगों को लाभान्वित किया वही संस्कार उनके बेटों में भी है। उन्होंने कहा कि पं. रामलाल शर्मा के परिवार को संस्कार विरासज में मिले हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग अपने पूर्वजों की संपत्ति के उत्तराधिकार होते है, लेकिन वास्तव में उत्तराधिकार संपत्ति का नहीं संस्कारों का होना चाहिये। उन्होंने कहा कि पं. रामलाल शर्मा की दूरागामी सोच आज उन्हें अमर करती है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा दिये गये योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। नर्मदा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओएन चौबे ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि कक्का जी ने नर्मदा महाविद्यालय की स्थापना कर महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के मेघावी बच्चों को आगे बढ़ाने का अवसर दिया है वहीं महाविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। डा. चौबे ने कहा नर्मदा कालेज प्रदेश का एक ऐसा पहला कालेज होगा, जिसमें 5 वर्षीय बीए, एलएलबी कोर्स प्रारंभ होने जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव केएस शर्मा, पूर्व जिपं अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा, पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा, पीयूष शर्मा, अरूण शर्मा, डा. वैभव शर्मा, सीरूमल नवलानी, राकेश फौजदार, पं. गोपाल प्रसाद खड्डर, होम साइंस प्राचार्य डा. कामिनी जैन सहित साहित्यकारों एवं नागरिकों ने पं. रामलाल शर्मा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर भजनांजलि कलाकारों ने भजन की प्रस्तुति दी। संचालन डॉ हंसा व्यास द्वारा किया गया।
ब्यूरो रिपोर्ट मनोज सोनी


No comments:
Post a Comment