प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग ने कार्यक्रम आयोजित किया प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि हम छोटी कक्षाओं से ही प्रेमचंद जी की कहानियों को पढ़ते आ रहे हैं, - AKN News India

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Monday, 31 July 2023

प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग ने कार्यक्रम आयोजित किया प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि हम छोटी कक्षाओं से ही प्रेमचंद जी की कहानियों को पढ़ते आ रहे हैं,




 प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग ने कार्यक्रम आयोजित किया

 प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि हम छोटी कक्षाओं से ही प्रेमचंद जी की कहानियों को पढ़ते आ रहे हैं, 

नर्मदापुरम। शा गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में सोमवार को प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ किरण पगारे, डॉ पुष्पा दुबे, डॉ संध्या राय, डॉ श्रुति गोखले ने अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की।
  मां सरस्वती की पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ ही कथाकार प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ पुष्पा दुबे ने अपने उद्बोधन में प्रेमचंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्रेमचंद युग इन परिस्थितियों से अवगत कराया। प्रेमचंद हमारे जीवन में साहित्य के माध्यम से आज भी जीवित हैं।आज की दिशाहीन पीढ़ी को उनकी कहानियां उपन्यास उचित दिशा देने में समर्थ है। 
  डॉ.श्रुति गोखले ने बूढ़ी काकी कहानी पाठ किया कहानी पाठ के माध्यम से युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वृद्ध हमारे परिवार की पूंजी है, उन्हें प्रेम, स्नेह एवं सम्मान देना हमारा कर्तव्य वर्तमान पीढ़ी को इस कहानी के माध्यम से सीख लेनी चाहिए और प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए। डॉ. किरण पगारे ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य एक खजाना है और उससे हमें  मोतियों को चुनना होगा। प्रेमचंद की वृहद साहित्य हमारे लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने इस अवसर पर कहा कि हम छोटी कक्षाओं से ही प्रेमचंद जी की कहानियों को पढ़ते आ रहे हैं, उनकी कहानियों ने सरल भाषा में नैतिक मूल्यों को स्थापित किया है।
 प्रेमचंद के शतरंज के खिलाड़ी कहानी पर आधारित फिल्म का निर्माण हुआ महाविद्यालय के पुस्तकालय में प्रेम संस्कृत कहानी संग्रह मानसरोवर उपलब्ध है आप उसका अध्ययन कर सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कीर्ति दीक्षित ने एवं आभार डॉ मधु विजय किया। इस अवसर पर प्रेमकांत कटंगकार, डॉ अनिल रजक कुमारी चौहान एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।
मनोज सोनी editor-in-chief

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