नर्मदापुरम। किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा की जानकारी अनुसार सूखे की स्थिति में जिन कृषकों के पास सिंचाई की व्यवस्था है। वे किसान भूमि में दरार के पूर्व ही फसल में हल्की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें। इस समय स्प्रिंकलर से पानी देना अधिक उपयोगी है। इससे पानी की बचत, फसलों में वृद्धि विकास के लिए सूक्ष्म वातावरण,कीट व्याधियों से सुरक्षा मे मदद मिलेगी। स्प्रिंकलर भी शाम के समय ही चलाये। अपने खेत की नियमित निगरानी एवं खेत में जाकर 3-4 स्थानों के पौधों को हिलाकर देखे की खेत में किसी इल्ली/कीट का प्रकोप हुआ है या नही।
सोयाबीन की फसल घनी होने पर चक्रमंग (गर्डल बीटल) का प्रकोप अधिक होने की संभावना होगी। इसके लिए प्रारंम्भिक अवस्था में ही (एक सप्ताह के अदंर) दो रिंग दिखाई देने वाली ऐसी मुरझाई/लटकी हुई ग्रसित पत्तियों को तने से तोडकर जला दे या खेत के बाहर करें। वर्तमान समय में फसल पर इल्लीयों का प्रकोप होने से इल्लीयॉ पत्तों पर चिपकी रहेगी और आसानी से अलग नही होगी। किसान भाई सोयाबीन फसल पर पौध संरक्षण के लिए अनुशंसित कीटनाशक/फफूंदनाशक के छिडकाव के लिए पर्याप्त पानी की मात्रा नेप्सेक स्प्रेयर या टेक्टर चलित स्प्रेयर से 500-600 लिटर, हें. पावर स्प्रेयर से 125 लिटर, हे. न्यूनतम का उपयोग करे।
सोयाबीन फसल पर पीले मोजेक वायरस के प्रारम्भिक लक्षण दिखते ही तत्काल रोग ग्रस्त पौधो को खेत से उखाडकर निष्कासित करे एवं अपने खेत पर पीला स्ट्रिकी टेप लगाये। पीला वायरस रोग को फैलाने वाले वाहक कीट सफेद सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु अनुशंसित कीटनाशक एसिटेमीप्रिड 25 प्रतिशत + बायफ्रंयिन 25 प्रतिशत डब्लयू.पी. (250 ग्राम/हे) का छिडकाव करें। इसके स्थान पर पूर्व मिश्रित कीटनाशक थायोमिथोक्सम+लैम्बडा सायहेलोथ्रिन (125 मि.लि./हे.) याबीटासायफ्लुथ्रिन+इमिडाक्लोप्रिड (350 मि.लि./हे.) का छिडकाव किया जा सकता है। साथ ही सोयाबीन पत्ती खाने वाली तीनो इल्लीयों सेमीलूपर/तम्बाकू/चने की इल्ली या इनमे से कोई एक इल्ली के साथ- साथ रस चूसने वाले कीट (सफेद मख्खी/ एफिड) एवं तना छेदक कीट (तना मख्खी/ चक्रभृंग) के एक साथ नियंत्रण के लिए पूर्व मिश्रित कीटनाशक जैसे क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 9.30 प्रतिशत + लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत या थायोमिथोक्सम 12.60 प्रतिशत + लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत (125 मि.लि./ हे.) या बीटासायफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड 350 मि.लि. /हे. का छिडकाव करें। तम्बाकू की इल्ली एवं चने की इल्ली के नियंत्रण के लिए बाजार में उपलब्ध कीट विशेष फेरोमोनटेप या प्रकाश प्रपंच लगाये। इनके सेंप्टा लगाने के पूर्व अपने हाथ स्वच्छ कर ले।
फसल में पक्षियों के बैठने के लिए टी आकार बर्ड-पेर्चस लगाये इससे कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लीयों की संख्या कम करने मे सहायता मिलती है। पानी की कमी से सोयाबीन की फसल को बचाने के लिए किसान भाई अनुशंसित एंटीट्रासपेरेंट जैसे पोटेशियम नाइट्रेट 1 कि.ग्राम/100 लिटर पानी में छिडकाव करे। इसकी जगह पर एन.पी.के. 00-00-50 का भी 1 किलोग्राम/ 100 लिटर पानी में मिलाकर छिडकाव करने से कीटो एवं रोगो के विरुद्ध पौधो में प्रतिरोध को बढाता एवं कम पानी में पौधो में सहनशीलता बढती।
मनोज सोनी editor-in-chief


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