नागद्वारी मेला- खटारा टेक्सियों में ठूंस-ठूंस कर भर रहे श्रद्धालुओं को
हादसों को दे रहे न्यौता, जिम्मेदार मौन
8 से 10 की जगह बैठा रहे 20 से 25 सवारी
श्रद्धालुओं ने आरटीओ से लगाई गुहार
नर्मदापुरम। पचमढ़ी का नागद्वारी मेला बारिश के साथ शुरू हो गया है। यहां रोजाना हजारों भक्त आ रहे हैं। दस दिन चलने वाले इस मेले में सबसे ज्यादा श्रद्धालु महाराष्ट्र से आते हैं। मेले में इस बार सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है तो यात्रा सुरक्षा के लिए लगभग 1000 से अधिक पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रशासन के तमाम इंतजामों के बाद भी हादसों का अंदेशा बना हुआ है क्योंकि नागद्वारी मेले पचमढ़ी में जो टैक्सियां चल रही है उसमें टैक्सी संचालक को परमिशन 8 से 10 लोगों को बैठने की है लेकिन यहां टैक्सी संचालक लगभग 20 से 25 लोगों को टैक्सी में बिठा रहे हैं । यहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन और आरटीओ प्रशासन से गुहार लगाई है कि ऐसे टैक्सी संचालक जो की ओवरलोड सवारी बैठा रहे हैं उन पर कार्रवाई करें ।अभी से टैक्सी संचालक पचमढ़ी में टैक्सियों में ठूंस ठूंस कर सवारी बैठा रहे हैं जिससे दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चल रहीं हैं 15 से 20 साल पुरानी टैक्सियां
नागद्वारी मेले में 15 से 20 साल पुरानी टैक्सियां श्रद्धालुओं को धो रही हैं। इन टैक्सियों पर शासन स्तर पर पूरी तरह प्रतिबंध है कि कोई भी पुराना वाहन का उपयोग न किया जाए और प्रशासन ने पूरी तरह पुरानी बंद कर दी गई है लेकिन पचमढ़ी क्षेत्र में देखने को यह मिल रहा है कि यहां पर लगभग दर्जनों से अधिक 15 से 20 साल पुरानी टैक्सियां सड़क पर सरपट दौड़ रही है। ना तो इन टैक्सियों का कुछ ऐसी हैं जिनका फिटनेस भी नहीं है। आरटीओ विभाग को इस और ध्यान देना चाहिए। यदि इन टैक्सियों में कोई घटना दुर्घटना हो तो जिम्मेदार कौन होगा। बता दें कि टैक्सी में बैठने वाले श्रद्धालुओं के छोटे-छोटे बच्चे भी होते हैं।
दुर्घटना को दे रहे निमंत्रण, होना चाहिए कार्यवाही
नागद्वारी मेला क्षेत्र में 15 से 20 साल पुरानी जिप्सी चल रही हैं । जो की खतरे की घंटी बन रही हैं । यह पुरानी गाड़ियां हैं और तो और बैठने की परमिशन मात्र आठ लोगों की है लेकिन जिप्सी वाले इन वाहनों में 20 से 25 लोगों को बिठाकर जिप्सी चला रहे हैं ।जिप्सी में बाहर से बैठने वाले श्रद्धालुओं के साथ छोटे बच्चे भी रहते हैं ।परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को ऐसे टैक्सियों और जिप्सी संचालक पर कार्रवाई करना चाहिए। प्रदेश और शासन स्तर पर भी पुरानी जिप्सी को बंद करने और सड़क पर संचालित करना प्रतिबंधित किया गया है । लेकिन इस के बावजूद भी नागद्वारी मेले में इस प्रकार की टैक्सी संचालित हो रही है। यह बात जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

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