राम कथा कलयुग के जीवों की कामधेनु है- पंडित सुनील दुबे
नर्मदा पुरम। राम कथा कलयुग के जीवों की कामधेनु है। कामधेनु मतलब जो वस्तु मांगी जाती है वह मिल जाती है। राम कथा मानस पाठ करने से लोगों की इच्छा पूरी होती है। जो कामना हम करते हैं वह जरूर पूरी होती है, इसलिए राम कथा कलयुग कल्पतरु है । यह बात राम बल्लभ कुंज जानकी घाट अयोध्या धाम में चल रही श्री राम कथा में पंडित सुनील दुबे ने कही।
संगीतमय श्री राम कथा 1 से 7 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। कथा का आयोजन तीर्थ कथा आयोजन समिति नर्मदापुरम द्वारा किया जा रहा है। कथा में पंडित दुबे भगवान श्री राम के चरित्रों का सारगर्भित वर्णन कर रहे हैं । उनका कहना है कि भगवान श्री राम ने मर्यादित जीवन जिया। उन्होंने जीवन में चमत्कार नहीं किए लेकिन कृष्ण भगवान ने चमत्कार किए। भगवान राम ने मानव जीवन जिया। यही कारण है कि रावण मारा गया क्योंकि रावण को यह वरदान था कि वह मानव या वानरों से ही मारा जाएगा।
पंडित सुनील दुबे ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में कुछ पाखंडी आ गए हैं । उनका कहना है कि हमारा सनातन धर्म मूर्ति पूजा है और इसमें प्राण प्रतिष्ठा की जाती है तो यह पत्थर नहीं रहता वह भगवान हो जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पाखंडी होते हैं जिनका बहिष्कार करना चाहिए और सनातन की रक्षा करना चाहिए।


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