मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
पीएम सड़क राहत योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण सम्पन्न
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज
नर्मदापुरम/ सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सड़क राहत योजना (PM RAHAT) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार 9 मार्च को जिला प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
औप्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत, डीएसपी ट्रैफिक संतोष मिश्रा एवं जिला परिवहन अधिकारी प्रमोद कापसे, मनीष गुणवान, विनोद सालमी की उपस्थिति में शासकीय एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सकों, पुलिस अधिकारी - कर्मचारियों तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान एनआईसी मध्यप्रदेश से गौतम डे, मनीष गुणवान, विनोद सालमी एवं डॉ. नवीन ने वर्चुअल माध्यम से योजना के तकनीकी एवं संचालन संबंधी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम राहत (PM RAHAT) योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के बाद पीड़ितों को 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का संचालन eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें बीमा या आय से संबंधित कोई शर्त नहीं रखी गई है और किसी भी प्रकार की सड़क पर हुए हादसे में इसका लाभ लिया जा सकेगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में समय पर उपचार न मिलने के कारण होने वाली मौतों को कम करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक मान्य रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए बीमा या आय संबंधी कोई पात्रता शर्त नहीं है तथा सभी प्रकार की सड़कों पर हुए हादसे इसमें शामिल किए गए हैं। योजना में eDAR प्लेटफॉर्म को TSM 2.0 (ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) से जोड़ा गया है तथा भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) के माध्यम से किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति, चाहे वह पीड़ित हो, राहवीर (Good Samaritan) हो या कोई अन्य, 112 नंबर पर कॉल कर नजदीकी अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस की सहायता प्राप्त कर सकता है।
डीएसपी ट्रैफिक संतोष मिश्रा एवं जिला परिवहन अधिकारी प्रमोद कापसे ने बताया कि यदि सड़क दुर्घटना के पीड़ित को पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत पीड़ित को अपनी जेब से किसी भी प्रकार का खर्च नहीं करना होगा तथा दुर्घटना की रिपोर्ट से लेकर अस्पताल में भर्ती, पुलिस की मंजूरी, इलाज और भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी।
उन्होंने बताया कि गंभीर मामलों में पुलिस को 48 घंटे के भीतर और सामान्य मामलों में 24 घंटे के भीतर डिजिटल प्रणाली पर पुष्टि करनी होगी, हालांकि इस दौरान पीड़ित का उपचार बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. गजेंद्र यादव, जिला मीडिया प्रभारी सुनील साहू, आशीष भार्गव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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