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Monday, 2 March 2026

मां रेवा की भक्ति बनी स्वच्छता की शक्ति- चित्रगुप्त घाट पर कायस्थ समाज का 'भागीरथ' संकल्प


मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 

 

मां रेवा की भक्ति बनी स्वच्छता की शक्ति- चित्रगुप्त घाट पर कायस्थ समाज का 'भागीरथ' संकल्प


नर्मदापुरम।"नर्मदे सर्वदे..." के दिव्य जयघोष और मां रेवा के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ, पिछले 4 वर्षों से जारी अखिल भारतीय कायस्थ समाज का स्वच्छता संकल्प रविवार को भी पूरी निष्ठा के साथ संपन्न हुआ। स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर आयोजित इस वृहद अभियान में न केवल श्रमदान किया गया, बल्कि समाज के दिग्गजों ने मां नर्मदा की महिमा के आलोक में स्वच्छता और जल संरक्षण का पावन संदेश भी दिया।

 अभियान के दौरान चार प्रमुख व्यक्तित्वों ने मां नर्मदा और गंगा के महत्व को रेखांकित करते हुए जनता को जागरूक किया। सी.बी. खरे बैंक अधिकारी ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित है कि गंगा में स्नान से जो पुण्य मिलता है, वह मां नर्मदा के दर्शन मात्र से प्राप्त होता है। मां गंगा की भांति ही नर्मदा का जल भी मोक्षदायिनी है। यदि हम घाटों को दूषित रखते हैं, तो हम अपनी आध्यात्मिक विरासत का अपमान कर रहे हैं। स्वच्छता ही मां की सच्ची आरती है। 

विजय वर्मा प्रखर समाजसेवी ने कहा कि जल को साक्षात ब्रह्म माना गया है। जैसे गंगा की अविरलता महत्वपूर्ण है, वैसे ही मां नर्मदा की निर्मलता हमारा सामूहिक दायित्व है। जनता को समझना होगा कि घाट पर फेंका गया एक छोटा सा कचरा भी हमारे पर्यावरण और धर्म के विरुद्ध है। आइए, इसे अपनी जीवनशैली बनाएं। वहीं जिला अध्यक्ष श्रीमती ज्योति वर्मा ने कहा कि मातृशक्ति का धर्म केवल घर की शुद्धि नहीं, बल्कि समाज और धर्म की जननी मां नर्मदा की शुद्धि भी है। गंगा जी ने जिस प्रकार धरती को पवित्र किया। 

नर्मदा भी हमें जीवन दे रही हैं। स्वच्छता का यह संकल्प हर घर से निकलकर घाटों तक आना चाहिए। वहीं सीबी खरे ने बताया कि मां नर्मदा हमारी जीवनदायनी है। नपा उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने मान्यता है कि मां के तटों पर किया गया सेवा कार्य अनंत गुना फल देता है। शासन अपनी ओर से प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता की भागीदारी के बिना स्वच्छता संभव नहीं। चित्रगुप्त घाट की सीढ़ियों से काई हटाना केवल फिसलन हटाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के मार्ग को सुगम और पुनीत बनाना है।

काई और कचरे से मुक्ति

रविवार की सुबह कायस्थ समाज की मातृशक्ति और पुरुष सदस्यों ने भारी परिश्रम कर घाट की सीढ़ियों पर जमी फिसलन भरी काई को साफ किया। टीम ने कई कुंटल कचरा पॉलिथीन, पूजन सामग्री और अन्य अपशिष्ट एकत्रित कर उसे डस्टबिन के माध्यम से उचित निपटान हेतु भेजा। 

इस पुनीत कार्य में प्रीती खरे, मनोज वर्मा, केशव वर्मा, विजय वर्मा, सीबी खरे, मंजू श्रीवास्तव, लालता प्रसाद, रश्मि सक्सैना, रश्मि वर्मा, जानकी, श्रीमती ममता तिवारी और राकेश श्रीवास्तव सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपना अमूल्य श्रमदान दिया। कायस्थ समाज द्वारा पिछले 4 वर्षों से हर रविवार को निरंतर चलाया जा रहा यह अभियान आज एक सशक्त 'जन-आंदोलन' बन चुका है। यह पहल समस्त नागरिकों को संदेश देती है कि मां नर्मदा की स्वच्छता ही हमारी अस्मिता की रक्षा है।


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