मुखर्जी काम्पलेक्स में अतिक्रमण कर पुन: अवैध रूप से लगा दी गई सीढ़ी
सीढ़ी लगाने की नपा ने नहीं दी अनुमति, अवकाश का फायदा उठाकर की गई मनमानी
मुखर्जी काम्प्लेक्स की गली में अतिक्रमण का मामला, बना जनचर्चा का विषय
नर्मदापुरम। मुखर्जी काम्पलेक्स परिसर में आवासीय भवन में व्यवसायिक उपयोग करने के लिए सीढ़ी लगाने का प्रयास दो माह पूर्व दिसंबर में किया गया था। इस मार्ग पर पहले लोहे की सीढ़ी लगा दी थी। उसके बाद जब काम्पलेक्स परिसर में व्यवसाय करने वाले अनेेक व्यवसायियों ने आपत्ति की तव नपा ने अवैधानिक रूप से लगाई हुई सीढ़ी हटाने के लिए आदेश देते हुए सीढ़ी को हटवा दिया था। उसके बाद संबंधित द्वारा सीढ़ी लगाने के लिए अनुमति मांगी गई। जिस पर नपा ने 23 दिसंबर को आदेश क्रमांक 8407 के माध्यम से जीना नहीं लगाने के लिए स्वीकृति देने से लिखित में इंकार कर दिया। इसके उपरांत भी बीते दो माह से लोहे की सीढ़ी उसी स्थान पर रखी हुई थी। जिसे मनमानी करते हुए रविवार अवकाश का फायदा उठाकर उन्हें जीना लगा दिया गया है। गौरतलब है कि व्यापारियों ने दो दिन पहले ही प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था मंगलवार को जिला प्रशासन को जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था।
सीढ़ी लगाने का मामला पहुंचा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में
लोगों के द्वारा मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में आवेदन देते हुए प्रशासन को अवगत कराया गया है कि सातरस्ते स्थित मुखर्जी काम्पलेक्स में चारों तरफ से पक्की सीढ़ियां बनाई हुई हैं जिनसे आना जाना आसानी से हो जाता है। उसके बाद भी आवासीय भवन में आवागमन वाले मार्ग पर लोहे की सीढ़ियां लगाने की बार बार कोशिश की जा रही है।
नपा को सीढ़ी हटाने में लग गए थे पांच दिन
दो माह पूर्व सरेआम सातरस्ते के पास मार्ग पर अवैधानिक रूप से लगी सीढ़ियों को हटाने में नगर पालिका को पूरे पांच दिन लग गए थे। जबकि दूसरे दिन ही नगर पालिका में लोगों ने अतिक्रमण को हटाने के लिए आवेदन दे दिया था। कलेक्टर ने पूर्व में ही स्पष्ट रूप से कहा था कि अतिक्रमण हटाए जाएं। विधानसभा में भी अतिक्रमण को लेकर प्रश्न उठे हैं विभागीय मंत्री ने भी अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है। इसके बाद भी मनमानी पूर्वक आवागमन मार्ग पर ही लोहे का जीना फिर से लगा दिया गया है जो शहर में जनचर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना यह है कि नगर पालिका अधिकारी द्वारा इस मामले में क्या कारवाई की जाएगी या फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहावत यहां चरितार्थ होगी।

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